महंगा सिलेंडर, खाली जेब—जनता को कब तक दोगे फरेब
कानपुर की सड़कों पर जो मंजर दिख रहा है, वो सरकार के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है।अजीब विडंबना है—एक तरफ ये सरकार देश को ‘विश्वगुरु’ बनाने का ढोल पीट रही है, और दूसरी तरफ हरविधानसभा की माताएं-बहनें और बुजुर्ग सुबह 4 बजे से गैस एजेंसियों के बाहर खाली…

