समाधी मरण हुआ श्रद्धा से समर्पित विन्याजलि
इंदौर-पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्धसागर जी महाराज की आज्ञानुवर्ती शिष्या श्रमणी आर्यिका 105 विदक्षाश्री माताजी के पावन हस्तकमलों से *श्रद्धेय श्रीमती शकुंतला बाकलीवाल ने जैनैश्वरी आर्यिका दीक्षा अंगीकार कर नव मंगल नाम आर्यिका 105 विहार श्री माताजी प्राप्त किया । धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि आज उत्तम समाधि मरण को अंगीकार किया।…

