भावलिंगी संत आचार्य श्री विमर्श सागर जी ने दी पावन प्रेरणा – तीर्थों के संरक्षण के लिए बनाये 1008 “तीर्थ चक्रवर्ती”
अब भारत भूमि पर बनेंगे 1008 “तीर्थ चक्रवर्ती”। जी हाँ, परमपूज्य संघ शिरोमणि भावलिंगी संत श्रमणाचार्य श्री विमर्शसागर जी महामुनिराज ने मुजफ्फरनगर की धर्मधरा पर कल्पतीर्थ मठड्पम् में चल रही 8 दिवसीय “श्री 1008 कल्यद्रम महामण्डल विधान की आराधना के मध्य विशाल धर्मसभा के मध्य अपने उद्बोधन में तीर्थक्षेत्रों के संरक्षण हेतु ” तीर्थ चक्रवर्ती”…

