शुद्ध को अशुद्ध न करना ही उत्तम शौच धर्म की सच्ची साधना – मुनिपुंगव सुधासागर जी
इंदौर। 10 लक्षण महापर्व के चौथे दिन शनिवार को दलाल बाग स्थित विद्या सुधा देशना मंडप में चल रहे 10 दिवसीय श्रावक संस्कार शिविर में निर्यापक मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज ने उत्तम शौच धर्म की गहन व्याख्या करते हुए कहा – शौच धर्म केवल बाहरी स्वच्छता नहीं, बल्कि मन, वचन, शरीर और आचरण…

