दिव्यती दिवस पर निकली शोभायात्रा

इंदौर। भगवान आदिनाथ जन्म कल्याणक से महावीर जयंती पर निरंतर 20 दिनों तक पदयात्रा के दौरान शुक्रवार सुबह अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज ने विहार करते हुए तुलसीनगर स्थित दिगंबर जैन मंदिर में मंगल प्रवेश किया। फेडरेशन के के मिडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने बताया कि परम पूज्य मुनिश्री का समाजबंधुओं ने पाद प्रक्षालन कर अगवानी की। जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान हो गया। यहां भगवान के दर्शन कर अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी के साथ समाज बंधुओं ने बैंडबाजों के साथ महालक्ष्मीनगर की ओर से प्रस्थान किया। इस दौरान पूरे यात्रा मार्ग में मुनिश्री का जगह-जगह पर पाद प्रक्षालन किया गया। समाजबंधु गुरुवर के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। महालक्ष्मीनगर पहुंचकर मुनिश्री के सानिध्य में भगवान आदिनाथ जी को पालकी में विराजित कर क्षेत्र में पालकी यात्रा निकाली गई। क्षेत्र में भ्रमण करते हुए भगवान पालकी और मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज की आरती और पाद प्रक्षालन के लिए समाज बंधुओं में होड़ लगी रही। पालकी यात्रा का समापन विभिन्न मार्गों से होते हुए वापस महालक्ष्मीनगर दिगंबर जैन मंदिर में हुआ। यहां पर मुनिश्री के सानिध्य में जितेंद्रकुमार जैन द्वारा ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के पुण्यार्जक जितेंद्रकुमार जैन और दिलीप पाटनी थे। इस अवसर पर दिलीप पाटनी, अनिल मोदी, राकेश विनायगा, आरके जैन, राजेश जैन, अनिल जैन सहित बड़ी संख्या में समाज श्रेष्ठी मौजूद रहे। इस अवसर पर अभिषेक और शांतिधारा की ध्वजारोहण के बाद मंदिर में श्रीजी का अभिषेक किया गया। अभिषेक के उपरांत आशीष जैन ने शांतिधारा का सौभाग्य अर्जित किया। मुनिश्री के मुखारबिंद से शांतिधारा के मंत्रों का उच्चारण हुआ। इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रावक-श्राविकाएं मौजूद रहीं।

अगर जीवन में त्याग है तो राग द्वेष नहीं होगा

शांतिधारा के बाद अंतर्मुखी मुनिश्री पूज्यसागर जी महाराज ने मंगल प्रवचन हुए। इस मौके पर मुनिश्री ने कहा कि अगर मनुष्य में रागद्वेष है तो सूतक है। रागद्वेष में पूजा करना पाप का कारण है। अगर जीवन में त्याग है तो राग द्वेष नहीं होगा। अगर रागद्वेष है तो साधु भी नहीं है। मुनिश्री ने अपने प्रवचन के दौरान कहा कि भगवान आदिनाथ और भगवान महावीर के सिद्धांतों में कोई अधिक अंतर नहीं है। आदिनाथ जी के समय कठिनाई कम थी। महावीर जी के समय कष्ट अधिक थे। बस यही अंतर है।
मुनि श्री ने आशीर्वाद प्रदान किया
मुनिश्री पूज्यसागर जी ने दिगंबर जैन सोशल ग्रुप, सामाजिक संसद कीर्ति स्तंभ के पदाधिकारियों सहित उपस्थित समुदायजनों को मंगल आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में सामाजिक संसद कीर्ति स्तंभ के चुनाव में प्रत्याशी दिलीप पाटनी का बहुमान किया गया। इस अवसर पर दिलीप पाटनी ने समाजबंधुओं से कहा कि वह समाज के लिए कार्य और सेवा करने का संकल्प लेते हैं और सदैव समाजहित में कार्य करते रहेंगे। उन्होंने अपना अमूल्य मत उन्हें देकर विजय बनाने की समाज बंधु और बहनों से अपील की।

यात्रा में इनका मिल रहा सहयोग
कार्यक्रम में महालक्ष्मीनगर और तुलसीनगर दिगंबर जैन मंदिर के पदाधिकारियों के अलावा धर्मेंद्र जैन सिनकेम, एमके जैन, सरला सामरिया, अरविंद जैन, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप विजयनगर की अध्यक्ष कुमुद जैन, अंकुर जैन सचिव, आरके जैन एक्साइज, राजेंद्र जैन निराला, कीर्ति पांड्या, नमिश जैन, वितुल अजमेरा, विपुल बांझल, आषीष जैन, भूपेंद्र जैन, एमके जैन, राजेंद्र सोनी, प्रिंसपाल टोंग्या, राजू अलबेला का सहयोग यात्रा में मिल रहा है। यात्रा के विशेष सहयोगी संजय पापड़ीवाल, रितेश पाटनी, ऋषभ जैन, मनीष जैन, संजय जैन अहिंसा, पिंकेश बिलाला आदि हैं।

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