भिण्ड 14 मार्च 2026/
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार दिनांक 14 मार्च, 2026 को संपूर्ण भिण्ड जिले में नेशनल लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस नेशनल लोक अदालत का औपचारिक शुभारंभ श्री के.एस. बारिया, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिण्ड के शुभ करकमलों के द्वारा माता सरस्वती की प्रतिमा एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर समस्त न्यायाधीशगण, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भिण्ड एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण उपस्थित रहे। नेशनल लोक अदालत के सफल आयोजन हेतु जिला मुख्यालय भिण्ड एवं न्यायिक तहसील मेहगांव, गोहद एवं लहार हेतु कुल 25 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया था। जिनमें सुलहकर्ता सदस्य के रूप मे नामित अधिवक्तागण द्वारा सहयोग प्रदान किया गया, जिसके फलस्वरूप जिला मुख्यालय भिण्ड एवं तहसील न्यायालय मेहगांव, गोहद एवं लहार में न्यायालयों में लंबित कुल 895 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें कुल 1758 पक्षकार लाभान्वित हुए तथा राशि 13259673/- रूपये ( एक करोड बत्तीस लाख उनसठ हजार छः सौ तिहत्तर रूपये मात्र) के अवार्ड पारित किये गये। उपरोक्त प्रकरणों के अतिरिक्त प्रीलिटिगेशन प्रकरणों, जिनमें जलकर, सम्पत्तिकर, विद्युत, बी.एस.एन.एल, बैंक आदि के कुल 1076 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें कुल 1086 व्यक्तियों को लाभांवित किया गया तथा उपरोक्त प्रीलिटिगेशन प्रकरणों में कुल 14930587/-रूपये ( एक करोड उन्नचास लाख तीस हजार पांच सौ सतासी रूपये मात्र) समझौता राशि रही।
वर्ष 2026 की प्रथम नेशनल लोक अदालत में गठित खण्डपीठों द्वारा कई मामलो में पक्षकारो के मध्य आपसी कटुता को समाप्त करते हुये दोनो पक्षों को मिलाने का कार्य किया गया तथा सफल प्रकरणों में पक्षकारों को पौधे भेंट कर उन्हें विवाद को समाप्त करने तथा शांतिपूर्वक सुखी एवं समृद्ध जीवन व्यतीत करने की सलाह भी दी गयी।
लोक अदालत में वर्षों से पिछड़ा हुआ परिवार फिर से हुआ एक, चेहरे पर खिली खुशी
खण्डपीठ क्र. 01 के पीठासीन अधिकारी श्री दिलीप गुप्ता, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय भिण्ड के न्यायालय के प्रकरण क्र. 320/2023 वैवाहिक में आज दिनांक 14-03-2026 को नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौते से राजीनामा द्वारा मामले का निराकरण किया गया। आवेदिका का विवाह अनावेदक के साथ दिनांक 12-05-2003 को हिन्दू विधि से संपन्न हुआ था। इसके पश्चात् उभयपक्ष के मध्य आपसी विवाद हो जाने के कारण आवेदिका अनावेदक से पृथक अपने मायके में निवास करने लगी थी। आवेदिका ने दिनांक 21-09-2023 को अनावेदक से भरण-पोषण राशि दिलाये जाने बाबत् धारा-125 दं0प्र0सं0 का प्रकरण प्रस्तुत किया था।
उभयपक्ष आज लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय खण्डपीठ के समक्ष उपस्थित हुये, उभयपक्ष को साथ-साथ रहने की समझाईश दी गयी तो उभयपक्ष साथ रहकर दाम्पत्य जीवन का निर्वहन करने के लिये तैयार हुये तथा प्रकरण राजीनामा के आधार पर समाप्त किये जाने का निवेदन किया। उक्त लोक अदालत के समक्ष उभय पक्ष के मध्य राजीनामा हो जाने के आधार पर प्रकरण समाप्त किया गया। पति-पत्नी द्वारा सौहार्दपूर्ण वातावरण में एक-दूसरे को माला पहनाई और उन्हें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला प्राधिकरण भिण्ड एवं प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय भिण्ड, सुश्री अनुभूति गुप्ता, सचिव जिला प्राधिकरण भिण्ड द्वारा पौधे उपहार स्वरूप प्रदान किये गये। उभय पक्ष द्वारा व्यक्त किया कि वे आज से पुनः अपनी नई जिन्दगी की शुरूआत करेंगे। इस प्रकार दोनों पति-पत्नी नेशनल लोक अदालत से खुशी-खुशी अपने घर गए। उभयपक्ष के मध्य राजीनामा हो जाने के आधार पर प्रकरण को समाप्त किया गया।
इस प्रकार वर्षों से चले आ रहे घरेलू विवाद के प्रकरण का राजीनामा से अंत हुआ तथा त्वरित एवं सुलभ न्याय की संकल्पना को सभी के सामूहिक प्रयासों से मूर्त रूप दिया तथा दंपती को प्रकरण के निराकरण के फलस्वरूप भेंट के तौर पर फलदार वृक्ष प्रदत्त किया गया तथा उनके एवं उनके परिवार की खुशहाली की शुभकामनाए देते हुए न्यायालय से खुशी-खुशी उन्हें विदा किया।

