जैन संत मुनिश्री विबोधसागर ने किए केशलोच सिर, दाढ़ी, मूंछ के बालों को हाथ से उखाड़ फेंका
मुरैना (मनोज जैन नायक) नगर में चातुर्मासरत मुनिश्री विबोधसागर जी महाराज ने ज्ञानसागर सेवा सदन में केशलोच करते हुए अपने सिर, दाड़ी एवं मूंछों के बालों को अपने स्वयं के हाथों से उखाड़ फेंका । यू तो सभी साधु संत अपने अपने धर्म सिद्धांतों के अनुसार चर्या का पालन करते हैं लेकिन दिगम्बर जैन साधु…

