इंदौर-सकल दि० जैन धर्म प्रभावना समिति इंदौर के तत्वावधान में श्रमण संस्कृति के महाश्रमण मुनि पुंगव श्री सुधा सागर जी महाराज के दलाल बाग छत्रपतिनगर में होने जा रहे ऐतिहासिक एवं भव्य चातुर्मास के दौरान उनके आवास,आहार और निहार की संपूर्ण व्यवस्था धर्म प्रभावना समिति के निर्णय एवं पूज्य मुनि श्री सुधासागरजी महाराज के आशीर्वाद से दिगंबर जैन समाज छत्रपति नगर करेगी।
धर्म समाज प्रचारक एवं मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस संबंध में व्यवस्था की रूपरेखा पर विचार विमर्श करने हेतु बुधवार को रात्रि में दिगंबर जैन तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर के ऋषभ सभागृह में छत्रपति नगर समाज जिनालय ट्रस्ट एवं सभी महिला संगठनों के पदाधिकारी एवं सदस्यों की एक सामूहिक बैठक जिनालय परिसर के ऋषभ सभागृह में संपन्न हुई, जिसमें चातुर्मास के दौरान मुनि संघ की व्यवस्थित चर्या कराने के लिए विचार विमर्श कर विभिन्न समितियों का गठन कर उन्हें जवाबदारी सोपीं गई।
मीटिंग का संचालन करते हुए ट्रस्ट के महामंत्री विपुल बांझल ने कहा कि जगत पूज्य सुधा सागर जी महाराज का चातुर्मास हेतु शोभा यात्रा के साथ छत्रपति नगर में रविवार 26 जुलाई को मंगल प्रवेश होगा एवं चातुर्मास की अवधि में मुनिश्री संघ सहित छत्रपति नगर जिनालय के ऋषभ सभागृह में ही विराजमान रहेंगे। उनके आवास आहार बिहार और निहार के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी विस्तार से देते हुए बांझल ने विभिन्न समितियों के पदाधिकारी एवं सदस्यों के नामों की घोषणा भी की।
जिनालय ट्रस्ट अध्यक्ष भूपेंद्र जैन ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि छत्रपति नगर की दिगंबर जैन समाज बहुत सौभाग्यशाली है कि उसे इस वर्ष श्रमण संस्कृति के महाश्रमण जगतपूज्य सुधा सागर जी महाराज के चातुर्मास में सहभागिता निभाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मैं सभी से आव्हान करता हूं कि हम सब धर्म प्रभावना समिति के साथ मिलकर चातुर्मास को,सफल, ऐतिहासिक एवं यादगार बनाएं। बैठक को श्री कमल अग्रवाल रामचंद्र नगर ने भी संबोधित किया। बैठक में डॉक्टर जैनेंद्र जैन, कमल जैन चैलेंजर, रमेश चंद जैन, श्रुत केवलारी,जिनेश जैन, प्रकाश दलाल, नीलेश जैन टैलेंट, सुरेश पड़ोसी सोनू बेगमगंज, आलोक नेता, अरविंद अखिलेश सोधीया राजेन्द्र नायक श्रीमती मुक्ता जैन, मीना जैन, सुषमा सुपारी, सोनाली बगड़िया, अंजलि दलाल, मनीषा एवं वैशाली जैन आदि उपस्थित थे।
मुनि सुधासागरजी महाराज के चातुर्मास में उनके आहार विहार और निहार की व्यवस्था के लिए बैठक संपन्न

