मुरैना । परिवहन चेकपोस्ट पर तैनात कर्मचारी एवं अधिकारियों की सख्त कार्यवाही से अवैध रेत परिवहन माफिया तथा डंपर चालको में हड़कंप मच गया है । बिना नंबर प्लेट वाले ट्रैक्टर, डम्फर जैसे वाहनों पर हो रही लगातार कार्रवाही से न केवल माफिया में भय का माहौल है बल्कि चेकपोस्ट पर तैनात कर्मचारियों की जान माल का खतरा भी बना हुआ है । परिवहन आयुक्त जोगा के दौरे से इनको काफी हिम्मत मिली है लेकिन आयुक्त उमेश जोगा तथा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विक्रमजीत सिंह कंग को भी इनकी जान की हिफाजत की पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी और एहतियात बरतनी होगी। क्योंकि संभागीय मुख्यालय मुरैना के रेत माफिया की माफियत और इनके सरपरस्तों का रसूख प्रदेश से लेकर देश की राजधानी तक के निजाम को पता है । यही वजह है कि चम्बल रेत माफिया पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय को संज्ञान लेना पड़ा ।
मध्य प्रदेश के चंबल संभाग (विशेष रूप से मुरैना) में सुप्रीम कोर्ट और राज्य सरकार की सख्ती के बाद अवैध रेत परिवहन और खनन माफियाओं में भारी हड़कंप मच गया है। परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा की जा रही ताबड़तोड़ चेकिंग और औचक छापों से माफियाओं के अवैध कारोबार पर तगड़ा प्रहार हुआ है। हाल ही में परिवहन आयुक्त उमेश जोगा ने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र (राजघाट, परिवहन चेक पोस्ट) का आकस्मिक निरीक्षण किया और बिना नंबर वाले वाहनों को तुरंत पुलिस अभिरक्षा में लेने और सख्त कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं । जिससे चेकपोस्ट पर तैनात कर्मचारी एवं अधिकारियों को काफी संबल मिला है ।
बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर चल रही है लगातार कार्रवाही
मुरैना परिवहन चेकपोस्ट नेशनल हाईवे-44 पर प्रशासन एवं चेकपोस्ट पर तैनात कर्मचारियों ने ऐसा घेराबंदी अभियान चलाया कि बिना नंबर प्लेट वाले वाहन एक-एक कर पकड़ में आने लगे. ओवरलोड डंपरों पर भी सख्त कार्रवाई हुई और जब्त गाड़ियों को सीधे पुलिस परेड ग्राउंड पहुंचाया जा रहा है । क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विक्रमजीत सिंह कंग ने जानकारी देते हुए बताया कि 44 वाहनों को जप्त किया गया है, और ये कर्तम्यवाही निरंतर जारी है और चलती रहेगी ।

