इंदौर- सर सेठ हुकुमचंद जी की धर्म नगरी इंदौर की पावन धरती पर निर्यापक तीर्थ रक्षक मुनिपुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ के मंगल प्रवेश के साथ ही एक और ऐतिहासिक गौरव जुड़ गया है। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि
मध्यप्रदेश शासन द्वारा पूज्य गुरुदेव को राजकीय अतिथि का दर्जा प्रदान किया गया है। शासन के आदेश क्रमांक *__ दिनांक ___* के अनुसार यह सम्मान प्रदान किया गया है। सकल दिगम्बर जैन समाज धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष सपना मनीष गोधा ने कहा कि
यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि तप, त्याग, संयम और राष्ट्रहित में समर्पित संत जीवन के प्रति शासन और समाज की सामूहिक श्रद्धा का सार्वजनिक सम्मान है।
धर्म प्रभावना समिति ने कहा कि वह संत परंपरा का सम्मान ।
यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस तपस्वी परंपरा का अभिनंदन है जिसने सदैव समाज को संस्कार, संयम, सदाचार और आत्मकल्याण का मार्ग दिखाया है। जिनके चरण जहाँ पड़ते हैं वहाँ केवल धर्मसभा नहीं सजती, बल्कि जनमानस में नैतिकता, सेवा, सद्भाव और आत्मजागरण का वातावरण निर्मित होता है। इंदौर में पूज्य गुरुदेव के वर्षायोग चातुर्मास 2026, तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर, दलालबाग को लेकर सम्पूर्ण भारत वर्षीय सकल जैन समाज में अपार उत्साह, श्रद्धा और भक्ति से आलोकित है। ऐसे मंगल अवसर पर राजकीय अतिथि का यह सम्मान इस ऐतिहासिक चातुर्मास की गरिमा को और भी ऊँचा उठा देता है। इंदौर की पुण्यभूमि के लिए भी गौरव का विषय है कि गुरुदेव के स्वागत के साथ यह अभिनंदनीय उपलब्धि जुड़ी।
मध्यप्रदेश सरकार के इस निर्णय पर हर्ष व्यक्त करते हुए धर्म प्रभावना समिति ने साधुवाद ज्ञापित किया है। यह सम्मान केवल पूज्य गुरुदेव का ही नहीं, बल्कि संपूर्ण संत परंपरा, दिगम्बर जैन समाज और समस्त श्रद्धालुओं की आस्था का भी सम्मान है।
मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज को मध्यप्रदेश शासन ने दिया राजकीय अतिथि का दर्जा

