श्रेष्ठ एवं ज्येष्ठ आर्यिका माता जी संसघ का भव्य मंगल मिलन हुआ

इंदौर- “अयोध्या” में श्रेष्ठ गणनी आर्यिका ज्ञानमती माताजी का ज्येष्ठ आर्यिका गुरुमति माताजी,दृण मति माताजी का भव्य मंगल मिलन”
श्रंमण संस्कृति के समाधीष्ठ। संत शिरोमणि आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागरजीमहामुनिराज की प्रथम शिष्या ज्येष्ठ श्रैष्ठ आर्यिका रत्न गुरुमतिमाताजी, ज्येष्ठ श्रैष्ठ आर्यिका दृणमतिमाताजी,आर्यिका गुणमतिमाताजी स संघ सहित सभी 54 पिच्छीधारिओं का विशाल समूह तीर्थराज श्रीसम्मेदशिखर जी से चातुर्मास के उपरांत पंचतीर्थों की बंदना करते हुये भगवान श्री पारसनाथ की जन्मनगरी की बंदना करते हुये वनारस से पद विहार कर भगवान ऋषभदेव आदिनाथ भगवान की जन्म कल्याणक भूमी धर्मनगरी आयोध्या पहुंची । धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि आर्यिका संसघ का स्थानीय कमेटी तथा उपस्थित समाज जन के साथ
आर्यिका संघ की भव्य मंगल अगवानी कर यंहा पर विराजमान ज्येष्ठ श्रैष्ठ गणनी आर्यिका ज्ञानमति माताजी की संघस्थ चंदनामति माताजी एवं कर्मयोगी रविन्द्र कीर्ति जी तथा संघस्थ वहनों एवं भाइओं ने मंगल अगवानी कर वंदन अभिनंदन किया तत्पश्चात आर्यिकासंघ ने श्री आदिनाथ दि. जैन पंचायती मंदिर के दर्शन किये एवं ज्येष्ठ श्रैष्ठ गणनी आर्यिका ज्ञानमति माताजी के दर्शनार्थ पहुंची एवं सभी का भव्य मंगल मिलन सौहार्दपूर्ण बातावरण में हंसते मुस्कुराते हुये हुआ आर्यिका संघ ने एक दूसरे का परिचय दिया तथा धर्म चर्चायें हुई इतने बड़े संघ को देखकर आयोध्या में उपस्थित जनसमुदाय ने भी भक्तीभाव के साथ संपूर्ण आर्यिका संघ एवं ज्येष्ठ आर्यिकाओं की बंदना की इस अवसर पर गणनीआर्यिका ज्ञानमति माताजी ने आचार्य गुरुदेव श्री विद्यासागरजी महामुनिराज को याद करते हुये उनको नमोस्तु किया तथा उन पलों को भी याद किया जो उन्होंने आचार्य गुरुदेव के साथ खुरई नगर में विताये राजेश जैन दद्दू ने बताया आर्यिका संघ 11 फरबरी बुधवार को आयोध्या नगरी में मंगल प्रवेश हुआ एवं संपूर्ण संघ श्री आदिनाथ दि. जैन पंचायती मंदिर में विराजमान है।

Please follow and like us:
Pin Share