महाकवि गोपाल दास नीरज की स्मृति में सदर विधायक आवास पर हुआ विशाल कवि सम्मेलन
इटावा -गुंडे और मवाली जिनके नाम से ही थर्राते हैं और भौंकने वाले चुप हैं बिल्कुल ना गुर्राते हैं भू माफियाओं के अंदर खोफ है इतना भर डाला शांत सुरक्षित प्रगतिशील भय मुक्त इटावा कर डाला लगता है दुष्टो को हराने खुद जगदंबा आई हो या भदोरिया कुल में जन्मी स्वयं लक्ष्मी बाई हो ओजस…

