संत पंथ और संघ के नाम पर जिन शासन को बदनाम मत करो : मुनिश्री आदित्य सागर जी
इंदौर जैन समाज आज संत, पंथ और संघ में बट गया है। आप प्रतिदिन णमो लोए सव्ब साहूणम (लोक के सभी साधुओं को नमस्कार) का उच्चारण करते हैं और माला फेरते हैं लेकिन साधु यदि आपकी मान्यताओं का ना हो तो आप उसे नमस्कार नहीं करते और तेरापंथ,बीस पंथ और साधु किस संघ का है…

