मुरैना/सोनागिर (मनोज जैन नायक) जैन समाज के विश्व प्रसिद्ध जैन तीर्थ सोनागिरजी में वार्षिक मेले का आयोजन 04 मार्च से 08 मार्च तक होने जा रहा है ।
श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र संरक्षिणी कमेटी (न्यास) सोनागिर दतिया के अध्यक्ष योगेश जैन खतौली एवं मंत्री बालचंद जैन ग्वालियर द्वारा प्रदत्त जानकारी के अनुसार विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी सिद्धक्षेत्र सोनागिरजी का पांच दिवसीय वार्षिक मेला चैत कृष्ण एकम बुधवार 04 मार्च से चैत कृष्ण पंचमी रविवार 08 मार्च तक आयोजित होने जा रहा है । इस वार्षिक मेले में संपूर्ण भारतवर्ष से हजारों की संख्या में जैन धर्मावलंबियों का क्षेत्र पर आगमन होता है । क्षेत्र कमेटी द्वारा मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है । क्षेत्र पर आने वाले यात्रियों को कोई असुविधा न हो इसके लिए कमेटी ने चाकचौबंद व्यवस्थाएं की हैं। मेले में आने वाले दर्शनार्थियों के लिए आवास, परिवहन, सुरक्षा, भोजनादि की सम्पूर्ण व्यवस्थाएं पूर्णता की ओर हैं।
वार्षिक मेले के मुख्य आकर्षण –
वार्षिक मेले के प्रमुख क्रार्यक्रमों में, प्रतिदिन प्रातः देवदर्शन, पर्वत की बन्दना, दोपहर में तलहटी में विद्यमान जिनालयों की रथ यात्रा, शास्त्र प्रवचन, सम्मेलन एवं कलशाभिषेक, सांयकाल पर्वत की परिक्रमा, रात्रि को पर्वतराज पर महाआरती एवं भक्ति एवं मेला स्थल चन्द्रनगर पाण्डाल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, धार्मिक नाट्य प्रस्तुति, भजन संध्या एवं विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
वार्षिक मेले के विभिन्न कार्यक्रमों में प्रमुख अतिथि एवं प्रमुख वक्ता के रूप में सम्मिलित होने के लिये केन्द्रीय एवं प्रान्तीय शासन के माननीय मंत्रीगण, वरिष्ठ शासनाधिकारी, नेतागण एवं विद्यतजनों को आमंत्रित किया गया है । जो निर्धारित तिथियों को कार्यक्रमों में पधारेंगे।
सिद्धक्षेत्र सोनागिर जी एक नजर में –
भारतवर्ष की पावन धरा पर मध्यप्रदेश के दतिया जिले में स्थित सुप्रसिद्ध जैन तीर्थ श्री दिगम्बर जैन सिद्धक्षेत्र सोनागिर बुन्देलखण्ड अंचल में सुरम्य पर्वतराज पर स्थित है । यहां आठवें तीर्थकर 1008 श्री चन्द्रप्रभु भगवान के भव्य समोशरण के पदार्पण की गौरवपूर्ण स्मृति को अंतः स्थल में संजोये हुये है। सिद्धक्षेत्र सोनागिरजी से नंग-अनंग कुमार सहित साढ़े पांच करोड़ मुनिराज मुक्तिपथ को प्राप्त हुए हैं। अतः यह पावन स्थल मुक्तिपथ (सिद्ध दशा) हेतु अग्रसर मुनिवृन्दों की साधना स्थली है।
श्री सोनागिरिजी पर्वतराज पर 72 भव्य जिनालयों के साथ ही नव निर्मित नंदीश्वर द्वीप शोभायमान है। जिनालय एवं उनमें विराजमान जिनबिंब विभिन्न युगों की उत्कृष्ठ एवं मनोहर वास्तुकला के प्रतीक है। क्षेत्र के पावन पवित्र पर्वत पर स्थापित मुख्य जिनालय क्रमांक 57 में विक्रम संवत् 335 में प्रतिष्ठित 1008 भगवान श्री चन्द्रप्रभु जी की चमत्कारी खड्गासन प्रतिमा विराजमान है। पर्वतराज की तलहटी में विशाल एवं अनुपम जिनालय विद्यमान है। जिनके दर्शन मात्र से भव भव के पापों का क्षय होता है ।
मेले पर सिद्धक्षेत्र सोनागिर में रुकेगी विशेष ट्रेनें
जैन तीर्थ सोनागिरजी दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर स्थित है। मेले के अवसर पर प्रमुख मेल एवं एक्सप्रेस गाड़ियों जैसे बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस, खजुराहो इंटर सिटी एक्सप्रेस, महाकौशल एक्सप्रेस, चम्बल एक्सप्रेस, बरौनी मेल, विशेष रूप 01 मार्च से 10 मार्च तक रुकेगी । सोनागिर में आगरा झांसी मेमो एवं पैसेंजर एवं छतीसगढ़ एक्सप्रेस स्थायी रूप से रुकती है। म.प्र. के सभी डिपो की बसे, सोनागिर तिराहे पर यात्रियों को छोड़ती हैं।
श्री सिद्धक्षेत्र सोनागिर कमेटी ने सभी दिगम्बर जैन धर्मावलंबियों से अधिकाधिक संख्या में वार्षिक मेले में सम्मिलित होने की अपील की है । किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए निम्न नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है – 9993363242, 9425726867
सिद्धक्षेत्र सोनागिरजी का वार्षिक मेला 04 से 08 मार्च तक, पांच दिवसीय मेले में होगें विभिन्न धार्मिक-सामाजिक आयोजन

