सत्संगति से मिलती है सद्गति – भावलिंगी संत श्रमणाचार्य श्री विमर्श सागर जी
मेरठ- महानगर मेरठ धर्मनगरी में बह रही हैं सत्संग गंगा । परम पूज्य भावलिंगी संत श्रमणाचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महामुनिराज अपने विशाल चतुर्विध संघ 35 पीछीधारी संयमी साधक-साधिकाओं के साथ लुटा रहें हैं वात्सल्य, दया, करुणा, अहिंसा और धर्म के अद्भुत मोती। जिन्हें प्राप्तकर मेरठ नगर का हर नागरिक अंतरंग धर्म रूपी धन से…

