आचार्यश्री के व्यक्तित्व में 24 तीर्थंकरों के लक्षण दिखाई देते थे- मुनि सुधा सागर महाराज
मेरे गुरु आचार्य विद्यासागर जी महाराज थे हैं और रहेंगे। भले ही वे तीर्थंकर नहीं थे पर वे तीर्थंकर सम उपकारी थे और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व में पूरे 24 तीर्थंकरों के लक्षण दिखाई देते थे। आचार्य श्री अपने लिए नहीं पूरी दुनिया के लिए जिए और उन्होंने सेकडों युवक युवतियों को जैनेश्वरी दीक्षा प्रदान…

