जैन धर्म के 22 वें तीर्थकर नेमिनाथ स्वामी निर्वाण स्थली है “सद्धक्षेत्र गिरनार पर्वत”- भावलिंगी संत दिगम्बराचार्य श्री विमर्शसागर जी मुनिराज
आज से होगी भावी सिद्धों के सानिध्य में अनन्तानंत सिद्धों की आराधना सौभाग्य जागा है सहारनपुर का । प्रथम बार विशाल चतुर्विध संघ के साथ पधारे हैं संघ शिरोमणि आचार्य भगवन् । जो अपनी भाव साधना से इस पंचमकाल में भी करा रहे है चतुर्घकालीन श्रमणों की विशुद्ध न्चर्या का दर्शन, ऐसे “जीवना है पानी…

