ग्वालियर में पहली बार सफल आर्थ्रोस्कोपिक एसीएल पुनर्निर्माण हुई सर्जरी

ग्वालियर – कलेक्टर ग्वालियर श्रीमती रुचिका सिंह चौहान के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में जिला अस्पताल मुरार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला ग्वालियर डॉक्टर सचिन श्रीवास्तव ने बताया कि जिला चिकित्सालय मुरार में पहली बार आधुनिक आर्थ्रोस्कोपिक तकनीक के माध्यम से एसीएल (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट) पुनर्निर्माण सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह उपलब्धि जिले के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है।
सिविल सर्जन डॉ राजेश शर्मा ने बताया कि यह जटिल सर्जरी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों की एक कुशल टीम द्वारा संपन्न की गई, जिसमें डॉ. यश शर्मा (ऑर्थोपेडिक सर्जन), डॉ. राहुल अर्गल (ऑर्थोपेडिक सर्जन), डॉ. श्रद्धा गोस्वामी (एनेस्थीसियोलॉजिस्ट) एवं डॉ. श्रास्ति वर्मा (एनेस्थीसियोलॉजिस्ट) शामिल रहीं। सर्जरी वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. विपिन गोस्वामी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक की गई, उन्होंने बताया कि इस प्रकार की आर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी अब तक केवल बड़े निजी अस्पतालों में ही उपलब्ध थी जिला अस्पताल में इस सुविधा के शुरू होने से अब क्षेत्र के मरीजों को अत्याधुनिक इलाज कम लागत में उपलब्ध हो सकेगा, जिससे उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
इस उपलब्धि में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सचिन श्रीवास्तव एवं जिला अस्पताल ग्वालियर के सिविल सर्जन डॉ. राजेश कुमार शर्मा का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग रहा।
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, आर्थ्रोस्कोपिक तकनीक से की गई इस सर्जरी में कम चीरा, कम दर्द और शीघ्र रिकवरी जैसे कई लाभ होते हैं।
अस्पताल प्रशासन ने पूरी टीम को इस सफलता के लिए बधाई दी और भविष्य में इस तरह की और उन्नत सर्जरी शुरू करने की बात कही। यह उपलब्धि निश्चित रूप से ग्वालियर जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी।

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