आपदा प्रबंधन एवं राहत व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा बैठक सम्पन्न
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दतिया।मानसून सत्र को दृष्टिगत रखते हुए संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पूर्व तैयारी एवं प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सेना एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में संयुक्त बाढ़ राहत एवं रेस्क्यू रैकी अभियान संचालित किया गया। अभियान के अंतर्गत दतिया जिले के संभावित संवेदनशील एवं निम्न क्षेत्रीय ग्रामों/क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कर राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा मंगलवार को न्यू कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में की गई। बैठक में सेना की ओर से मेजर अभिमन्यु सिंह, जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त कलेक्टर श्रीमती श्रुति अग्रवाल, डिप्टी कलेक्टर विजेंद्र यादव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.के. वर्मा, होमगार्ड कमांडेंट जितेंद्र त्रिपाठी सहित राजस्व विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग, पंचायत विभाग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।निरीक्षण दल द्वारा तहसील दतिया, भाण्डेर एवं इंदरगढ़ अंतर्गत कोटरा, ओरीना, सुनारी, लौंच, कुलेठ सहित दतिया नगर के संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर नदी एवं तालाबों के जलस्तर, संभावित जलभराव क्षेत्रों, आवागमन मार्गों, राहत एवं बचाव संसाधनों तथा आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था का मूल्यांकन किया गया।संयुक्त दल द्वारा बाढ़ की संभावित परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु राहत शिविरों की तैयारी, चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता, बचाव उपकरणों की स्थिति, संचार व्यवस्था एवं संवेदनशील क्षेत्रों में त्वरित राहत पहुंचाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही भविष्य में बाढ़ की स्थिति को नियंत्रित एवं न्यूनतम प्रभावी बनाने हेतु दीर्घकालिक उपायों एवं विभागीय समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।संयुक्त कलेक्टर श्रीमती श्रुति अग्रवाल ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपदा प्रबंधन से संबंधित तैयारियों को अद्यतन रखें तथा संवेदनशील क्षेत्रों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें,जिससे आवश्यकता पड़ने पर तत्काल एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य संचालित किए जा सकें।
संयुक्त निरीक्षण एवं समन्वय बैठक के माध्यम से जिले में बाढ़ राहत एवं आपदा प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाओं की प्रभावी रूप से मॉनिटरिंग एवं समीक्षा की जाकर आवश्यक दिशा- निर्देश प्रदान किए गए।
संयुक्त बाढ़ राहत एवं रेस्क्यू रैकी दल द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण

