सैफई : प्रतीक यादव के निधन की सूचना के बाद बुधवार को सैफई और आसपास के क्षेत्र में गहरा शोक दिखाई दिया। सैफई स्थित अखिलेश यादव के आवास पर दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। सुबह से ही परिवार के अधिकांश सदस्य, करीबी रिश्तेदार, समर्थक और गांव के लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लखनऊ पहुंच गए थे, जिसके चलते सामान्य दिनों में लोगों की आवाजाही से गुलजार रहने वाला आवास काफी शांत नजर आया।
हालांकि इसके बावजूद दिनभर आसपास के गांवों और क्षेत्र से लोग सैफई पहुंचते रहे। आवास के बाहर खड़े होकर लोग परिवार से जुड़ी जानकारी लेते रहे और आने-जाने वालों से हालात की जानकारी करते दिखाई दिए। गांव के बुजुर्गों से लेकर युवा तक पूरे दिन इस घटना को लेकर चर्चा करते रहे। बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों के बीच यही चर्चा बनी रही।स्थानीय लोगों का कहना था कि नेताजी परिवार से जुड़े किसी भी बड़े घटनाक्रम का सीधा असर सैफई में दिखाई देता है। बुधवार को भी पूरे गांव में गमगीन माहौल बना रहा। सामान्य दिनों की तुलना में आवास के बाहर चहल-पहल काफी कम दिखाई दी। सुरक्षा व्यवस्था में लगे लोग लगातार आने-जाने वालों पर नजर बनाए रहे।ग्रामीणों के अनुसार प्रतीक यादव का गांव और परिवार से आत्मीय जुड़ाव बना रहा।परिवार से जुड़े लोगों का कहना है कि साधना गुप्ता का निधन भी लखनऊ में हुआ था और उनका अंतिम संस्कार भी वहीं किया गया था। इसी क्रम में प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार भी लखनऊ में ही किया गया।
सैफई के लोगों का कहना है कि नेताजी परिवार के सुख-दुख से गांव का हमेशा भावनात्मक रिश्ता रहा है। यही वजह रही कि प्रतीक यादव के निधन की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल गहरा गया और दिनभर लोग परिवार की जानकारी लेने में जुटे रहे।
प्रतीक यादव के निधन पर शोक की लहर,सैफई स्थित आवास पर दिनभर पसरा रहा सन्नाटा

