सराको के राम, वर्तमान के वर्धमान विराट व्यक्तित्व एवं कृतित्व के धनी आचार्य ज्ञानसागरजी महाराज 5वें समाधि स्मृति दिवस (15 नवम्बर) पर विशेष
मुरैना-चंबल अंचल की पावन पवित्र वसुंधरा संस्कारधानी, ज्ञान नगरी मुरैना में 1 मई 1957 को दिगंबर जैसवाल जैन उपरोचियां समाज के बजाज गोत्रीय श्रावक श्रेष्ठी शांतिलाल जैन के घर माता अशर्फी देवी जैन की कोख से जन्मे बालक उमेश जन्म से ही सहज, सरल व धार्मिक संस्कारों से संस्कारित थे। आप भौतिक चकाचौंध से दूर,…

