गुरु के बिना जीवन अधूरा है गुरु के उपकारों को कभी भूलना नहीं चाहिए – आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
टोंक । गुरु के बिना जीवन व्यर्थ है ,गुरु के उपकार को भूलना नहीं चाहिए , प्रथमाचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज दिगंबर समाज के प्रथम आचार्य रहे हैं, वह चरित्र के भी चक्रवर्ती रहे हैं, उनके पिछले जीवन में रत्नत्रय का चक्र रहा। उन्होंने माता-पिता के आज्ञा का सम्मान कर उनके समाधि होने तक घर…

