सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव में प्रथम दिन पूजन में इंद्र इंद्राणियों ने चढ़ाये अर्घ

ग्वालियर-उपनगर लोहमंडी स्थित दिगंबर जैन लाला गोकुलचंद जैसवाल मंदिर कमेंटी तत्वाधान में विधानाचार्य पंडित मयंक जैन दमोह के मार्गदर्शन मे सिद्धों की आराधना करने के लिए श्री 1008 सिद्धचक्र महामंडल विधान महोत्सव एवं विश्व शान्ति महायज्ञ व रथयात्रा महोत्सव 28 अक्टूबर से 05 नवंवर तक आयोजित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत बुधवार को सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ महोत्सव के विधानचार्य पंडित मयंक जैन दमोह ने मंत्र उच्चरण के साथ में भगवान पार्श्वनाथ का शुद्धजल से अभिषेक इंद्रो जयकारों के साथ किया। भगवान की शांतिधारा सौधर्म इंद्र अजयकुमार जैन द्वारा की गयी। अभिषेक के उपरांत भगवान की महाआरती महिलाओ ने की। सिध्दचक्र महामंडल विधान श्रध्दा भाव के साथ प्रारंभ किया गया।

महोत्सव के प्रथम दिन इंद्रा-इंद्राणियो ने मिलकर 08 महाअर्घ्य समर्पित करें।

इस विधान में आठ सौभाग्यमति महिलाओ ने पूजन के मढ़ाने पर अष्ट्रमंगल स्थापिक किए। विधान में सौधर्म इंद्रा अजय जैन लीला जैन के साथ इंद्रा-इंद्राणियो ने पीले वस्त्र धारण कर सिर पर मुकुट और गले में माला पहनकर
शुभम जैन सैमी के भजनों के साथ भक्ति भाव के साथ पूजा अर्चना कर सिद्धप्रभू की आराधना करते हुए 08 महाअर्घ्य भगवान जिनेंद्र को समर्पित किए। वहीं रात्रि में नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें प्रतिभागियों ने जैन भजनों पर नृत्य किया।

विधान में प्रतिदिन होगे यह कार्यक्रम

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष पवन जैन ने बताया कि 28 अक्टूबर से 05 -नबंवर तक प्रतिदिन प्रातः 6ः30 बजे से जाप्यानुष्ठान, प्रात 7 बजे से श्री जिनेन्द्र भगवान का अभिषेक शांन्तिधार, 8ः30 नित्यपूजन व सिध्दचक्र महामंडल विधान होगा। वही शाम 7 बजे से महाआरती, शास्त्र प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगे।

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