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राष्ट्रीय सम्मेलन में 25 विवि के कुलगुरु शामिल हर विश्वविद्यालय में पढ़ाया जाएगा जैन दर्शन व प्राकृत, एमओयू साइन

इंदौर-भारतीय ज्ञान परंपरा, जैन धर्म-दर्शन और प्राकृत भाषा को शिक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से रविवार को नेमीनगर जैन कॉलोनी में राष्ट्रीय कुलगुरु सम्मेलन हुआ। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि कुंदकुंद ज्ञानपीठ और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में हुए सम्मेलन में देशभर के 25 विश्वविद्यालयों के कुलगुरुओं और शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। पट्टाचार्य आचार्य सुनीलसागर महाराज संसघ के सान्निध्य और डीएवीवी के कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई की अध्यक्षता में हुए सम्मेलन में कुलगुरुओं ने अपने अपने विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में प्राकृत भाषा और जैन दर्शन को शामिल करने पर सहमति जताई। सम्मेलन के दौरान खरगोन की क्रांति टंट्या भील यूनिवर्सिटी और इंदौर की रेनेसां यूनिवर्सिटी के बीच दो एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर रेनेसां यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सीए स्वप्निल कोठारी और। कुंदकुंद ज्ञानपीठ के अध्यक्ष अमित कासलीवाल मौजूद थे। मुख्य अतिथि सांसद शंकर लालवानी थे। आयोजन में प्रो. नलिन के. शास्त्री, रेखा संजय जैन, प्रो. राहुल सिंघई और डॉ. अरविंद जैन, प्रो. सिद्धार्थ सिंह, प्रो. राजेश वर्मा, बीए चोपड़े, डॉ. अरुण रमेश जोशी मौजूद थे। इस अवसर पर समाज श्रेष्ठी आदित्य कासलीवाल इंद्र सेठी कैलाश लुहाड़िया डॉ गिरीश पाटोदी संजय मेग्नस धर्मेन्द्र जैन संदीप जैन संजय पापडीवाल आदि समाज जन उपस्थित रहे।

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