ग्वालियर, 25 सितंबर 2026। दिगंबर जैन समाज के पावन दशलक्षण महापर्व का आज श्री पारसनाथ दिगंबर जैन तेरापंथी खंडेलवाल पंचायती मंदिर, चितेरा गली, ग्वालियर में धार्मिक श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर भगवान जिनेंद्र देव का विधि-विधान से कलश अभिषेक एवं पूजन किया गया।
कलश अभिषेक करने वालों में अनिल पाटनी, सिजीत पाटनी, प्रद्युम्न पाटनी एवं कुंती पाटनी सहित अन्य धर्मावलंबी शामिल रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना में भाग लिया और धर्मलाभ लिया।
दशलक्षण महापर्व जैन धर्म में आत्मशुद्धि, संयम और आध्यात्मिक साधना का पर्व माना जाता है। दस दिनों तक श्रद्धालु दस उत्तम धर्मों का स्मरण करते हुए उन्हें अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करते हैं। इनमें उत्तम क्षमा, उत्तम मार्दव, उत्तम आर्जव, उत्तम शौच, उत्तम सत्य, उत्तम संयम, उत्तम तप, उत्तम त्याग, उत्तम आकिंचन्य और उत्तम ब्रह्मचर्य शामिल हैं।
महापर्व का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना नहीं, बल्कि क्रोध, अहंकार, छल, लोभ और आसक्ति जैसे विकारों से दूर होकर आत्मिक शुद्धि एवं संयम की ओर बढ़ना है। पर्व के दौरान श्रद्धालु पूजा-पाठ, अभिषेक, स्वाध्याय, तप और आत्मचिंतन के माध्यम से इन दस धर्मों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास करते हैं।
समापन अवसर पर धर्मावलंबियों ने भगवान पारसनाथ के दर्शन एवं कलश अभिषेक कर सुख-शांति और मंगल की कामना की। मंदिर परिसर में पूरे दिन धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण बना रहा।

