इटावा। जैन धर्म के त्याग, तप और आत्मशुद्धि के महापर्व दशलक्षण पर्युषण पर्व के अंतिम दिन नगर में भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का माहौल रहा। दसवें दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की विशेष पूजा-अर्चना, महाअभिषेक, वृहद शांतिधारा एवं दशलक्षण महाविधान का आयोजन श्रद्धाभाव के साथ किया गया। नगर के प्रमुख जैन मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
इस अवसर पर समाजसेवी एवं गहना ज्वैलर्स के प्रोपराइटर पारस जैन ने सपरिवार मंदिर पहुंचकर भगवान का अभिषेक, पूजन एवं अर्घ्य समर्पित किया। उन्होंने नगरवासियों एवं धर्मप्रेमी बंधुओं को दशलक्षण महापर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तम ब्रह्मचर्य आत्मशुद्धि और संयम का मार्ग है। ब्रह्म अर्थात शुद्ध आत्मा में लीन होना ही ब्रह्मचर्य का वास्तविक स्वरूप है। यह केवल शारीरिक संयम तक सीमित नहीं, बल्कि मन, वचन और कर्म की शुद्धता से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि इच्छाओं पर नियंत्रण रखते हुए आत्मस्वरूप में लीन होना ही सच्चे सुख और मोक्ष का मार्ग है। उन्होंने श्रद्धालुओं से दशलक्षण धर्म के सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया। मंदिरों में शास्त्र सभा, तत्व चर्चा तथा शाम को महाआरती और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए
दशलक्षण महापर्व की पूर्णाहुति एवं आगामी त्योहारों को देखते हुए गहना ज्वैलर्स, इटावा की ओर से विशेष महा-बचत ऑफर की घोषणा की गई है। इसके तहत 22 कैरेट HUID हॉलमार्क सोने की ज्वेलरी पर 3.5 प्रतिशत मेकिंग चार्ज का ऑफर बताया गया है। प्रतिष्ठान की ओर से BIS हॉलमार्क एवं HUID प्रमाणित आभूषण और पारदर्शी बिलिंग की सुविधा उपलब्ध होने की बात कही गई है। आगामी वैवाहिक सीजन के लिए एंटीक, राजकोट, फैंसी गोल्ड, बॉम्बे, कटवर्क, कुंदन एवं टर्किश डिजाइन के आभूषणों का संग्रह भी उपलब्ध कराया गया है।
उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म की आराधना के साथ दशलक्षण महापर्व का समापन पारस जैन ने नगरवासियों को दी पर्व की शुभकामनाएं

