देहरा तिजारा, 13 सितम्बर 2026।
जागृति का संदेश और नई ऊर्जा का संचार करने वाला “विमर्श कैम्प” रविवार को 15 दिवसीय सफल आयोजन के बाद भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। 30 अगस्त से 13 सितम्बर तक चले इस कैम्प में 5 से 15 वर्ष की आयु के बालक-बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर संस्कार, अनुशासन, मर्यादा, विनय एवं जीवन-मूल्यों की महत्वपूर्ण शिक्षाएं प्राप्त कीं।मंदिर अध्यक्ष मुकेश जैन और प्रचार मंत्री उमंग जैन ने बताया कि परम पूज्य भावलिंगी संत दिगम्बराचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महामुनिराज की सुयोग्य शिष्या आर्यिकारत्न विमर्शिताश्री माताजी के कुशल निर्देशन एवं सान्निध्य में आयोजित इस कैम्प में बच्चों ने आध्यात्मिक एवं नैतिक संस्कारों को आत्मसात किया।समापन अवसर पर प्रातःकाल जिनाराधना एवं गुरु पूजन हुआ। इसके पश्चात संध्या बेला में कैम्प में सहभागी रहे सभी बालक-बालिकाओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में देहरा मंदिर समिति के पदाधिकारी, बच्चों के अभिभावक, मुख्य अतिथि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
“विमर्श कैम्प का कभी समापन नहीं हो सकता”
धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए परमपूज्य आचार्यप्रवर विमर्शसागर जी महामुनिराज ने कहा कि “विमर्श कैम्प” का कभी समापन नहीं हो सकता, यह तो दिन दूना रात चौगुना बढ़ता ही जाएगा। आज केवल इस आयोजन के एक चरण की पूर्णता हुई है।उन्होंने कहा कि बच्चे यहां संस्कार सीख रहे हैं और यही बच्चे भविष्य में अपने परिवार के मुखिया बनेंगे। जब परिवार का मुखिया मर्यादित और संस्कारित होगा तो परिवार, समाज और देश में सुख-शांति एवं समृद्धि का वातावरण बनेगा।
आचार्य श्री ने बच्चों के संस्कारों को लेकर अभिभावकों को संदेश देते हुए कहा कि आप धन कमाते हैं, लेकिन आपके बच्चे “विमर्श कैम्प” में संस्कार कमा रहे हैं। यही संस्कार उनके जीवन की वास्तविक पूंजी बनेंगे।पर्युषण पर्व पर आत्मसुधार का संकल्प आचार्य श्री ने आगामी पर्युषण महापर्व की महत्ता बताते हुए कहा कि इन दिनों में बाहरी तैयारियों के साथ-साथ स्वयं के प्रति ईमानदार बनने की आवश्यकता है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन की बुराइयों को दूर करने और कर्तव्यनिष्ठ बनने का संकल्प लेना चाहिए।उन्होंने कहा कि यदि पर्युषण के दस दिनों में प्रतिदिन अपने जीवन की एक-एक बुराई का त्याग करने का संकल्प लिया जाए तो निश्चित रूप से पर्युषण पर्व सार्थक होगा। अपने जीवन की बुराइयों को छोड़ना ही इस महापर्व की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।कार्यक्रम की सफलता में मंदिर अध्यक्ष मुकेश जैन, महामंत्री नरेंद्र जैन, कोषाध्यक्ष शिंभू जैन, चातुर्मास अध्यक्ष सुरेश जैन, प्रचार मंत्री उमंग जैन, अमन जैन, शैलू जैन, सुरेंद्र जैन, अंशुल जैन एवं नीरज जैन सहित समिति के पदाधिकारियों एवं समाजजनों का विशेष सहयोग रहा।विमर्श कैम्प का यह 15 दिवसीय आयोजन बच्चों के लिए केवल एक कैम्प नहीं, बल्कि संस्कारों और जीवन-मूल्यों की ऐसी पाठशाला बनकर सामने आया, जिसकी सीख उनके जीवन में लंबे समय तक मार्गदर्शन करती रहेगी।
“आप धन कमाते हैं, आपके बच्चे ‘विमर्श कैम्प’ में संस्कार कमा रहे हैं” — आचार्य श्री विमर्शसागर जी

