इटावा। कांग्रेस से राज्यसभा की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामाकंन सिर्फ़ एक नोटिस के आधार पर बिना जवाब लिए निरस्त कर दिया गया यह लोकतंत्र पर बहुत बड़ा कुठाराघात है। यह बयान कांग्रेस ज़िला महासचिव अमित त्रिपाठी अम्बुज ने भाजपा और चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करते हुए जारी किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि
झारखंड में रिलायंस वाले बीजेपी प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन में तीन खामियां हैं लेकिन उनका पर्चा निरस्त नहीं हुआ।उन्हें सुधारने के लिए मौक़ा दिया गया। तो फिर चुनाव आयोग द्वारा मीनाक्षी नटराजन के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों।
अब इसमें कोई संदेह नहीं रह गया है कि चुनाव आयोग पूरी ईमानदारी से बीजेपी के पक्ष में खड़ा है। अब वह राज्यसभा में भी वोट चोरी करना चाहता है। विपक्ष के नामांकन रद्द करके। कांग्रेस नेता अंबुज त्रिपाठी ने अपनी बात को जारी रखते हुए कहा कि
आज जो बीजेपी कर रही है वह कृत्य अगर किसी अन्य पार्टी ने किया होता तो आज इस देश में दूसरी कोई पार्टी बची ही नहीं होती।
अगर किसी और ने भी यह किया होता तो वह इस लोकतंत्र को मिटाने के लिए अपराधी होता। बीजेपी अपने इस अपराध से कभी उबर नहीं पाएगी।
अगर इनका यह सत्तालोभ नियंत्रित नहीं किया गया तो उसकी क़ीमत हमारा लोकतंत्र और देश की जनता चुकाएगी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर चुनाव आयोग मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने की ज़िद पर अड़ा रहता है तो पूरे विपक्ष को इसके ख़िलाफ़ आंदोलन छेड़ देना चाहिए।
सिर्फ़ कांग्रेस का ही नहीं बल्कि हर सत्ता विरोधी पार्टी और नागरिकों के लिए लोकतंत्र को बचाने का संघर्ष है।
चुनाव आयोग अब राज्यसभा में भी करना चाहता है वोट चोरी- कांग्रेस

