Headlines

जसवंतनगर में 10 दिवसीय जैन संस्कार शिक्षण शिविर का शुभारंभ, प्रभात फेरी से गूंजा नगर

जसवंतनगर। नगर स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित 20वें दस दिवसीय जैनत्व संस्कार शिक्षण शिविर एवं दशलक्षण धर्म विधान का शुभारंभ बुधवार को धार्मिक उल्लास और उत्साह के साथ हुआ। शिविर के पहले दिन बच्चों ने संस्कार प्रभात फेरी निकालकर पूरे नगर में धर्म और संस्कारों का संदेश दिया।
प्रभात फेरी मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए लुधपुरा स्थित जैन मंदिर पहुंची और वहां दर्शन-पूजन के बाद पुनः कार्यक्रम स्थल पर समाप्त हुई। फेरी में शामिल नन्हे-मुन्ने बच्चे हाथों में जैन धर्म से जुड़े प्रेरक संदेशों वाली तख्तियां और धर्म ध्वज लिए हुए चल रहे थे। भगवान महावीर के जयघोष और संस्कारों से ओतप्रोत नारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। भीषण गर्मी के बावजूद बच्चों का उत्साह देखने लायक था। लुधपुरा जैन समाज के कई बच्चों ने भी शिविर में पंजीकरण कराया।
शिविर के शुभारंभ अवसर पर ध्वजारोहण का सौभाग्य राजकमल जैन एवं चिराग जैन परिवार को प्राप्त हुआ। मंच का उद्घाटन दिनेशचंद्र जैन एवं सौरभ जैन परिवार द्वारा किया गया, जबकि शिविर का औपचारिक उद्घाटन तन्मय जैन एवं दिव्य जैन परिवार ने किया। जिनवाणी विराजमान कराने का सौभाग्य अमित जैन गोल्डन एवं सारांश जैन परिवार तथा शिविर किट विमोचन का सौभाग्य नीरज जैन एवं अग्रिम जैन परिवार को मिला।
कार्यक्रम में बच्चों ने मंगलाचरण प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से पधारे बाल ब्रह्मचारी राहुल जैन (मऊरानीपुर), विदुषी प्रज्ञा जैन, अस्ति जैन एवं सेजल जैन का तिलक एवं माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। अतिथियों ने अपने संबोधन में जैन संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक बच्चों को शिविर से जोड़ने का आह्वान किया।
शिविर प्रभारी निकेतन जैन ने बताया कि दस दिवसीय शिविर में धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, ज्ञानवर्धक एवं कौशल आधारित प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्मार्ट क्लासेस का आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को जैन संस्कृति के साथ-साथ जीवनोपयोगी नैतिक एवं व्यवहारिक शिक्षाएं भी प्रदान की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष शिविर में अन्य नगरों और प्रदेशों से भी बच्चों ने सहभागिता की है। बच्चों ने बताया कि इस शिविर में धार्मिक ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों और अनुशासित जीवन की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सकल जैन समाज एवं महिला मुमुक्षु मंडल का विशेष सहयोग रहा।

Please follow and like us:
Pin Share