मुरैना (मनोज जैन नायक) अभी 17 फरवरी मंगलवार को कंकण आकृति सूर्य ग्रहण भारत के अलावा अन्य कई देशों में देखा गया था। यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि में पंचग्रही महासंयोग संयोग में था। वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य डॉ हुकुमचंद जैन ने बताया कि 03 मार्च मंगलवार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को भी खग्रास ग्रस्तोदित चन्द्र ग्रहण है जो भारत में दिखाई देगा।
खग्रास रूप में अरुणाचल प्रदेश, अंडमान निकोबार, असम, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा एवं पश्चिम बंगाल में खग्रास रूप में दिखाई देगा।
खंडग्रास रूप में आंध्रप्रदेश,विहार,पंजाब,हरियाणा, छत्तीसगढ़,दिल्ली,गोवा, पूर्वी गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र का अधिकांश पश्चिमी भाग, उड़ीसा, पांडिचेरी सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में खंडग्रास रूप में दिखाई देगा।
राजस्थान में जैसलमेर, बाड़मेर को छोड़कर संपूर्ण राजस्थान में ग्रस्तोदित खंडग्रास रूप में दिखाई देगा।
जैन ने कहा भारत के अलावा यह ग्रहण एशिया,ऑस्ट्रेलिया,अफ्रीका,पूर्वी यूरोप,उत्तर और दक्षिण अमेरिका पेसिफिक अटलांटिक महासागर में भी दिखाई देगा।
ग्रहण का राशियों पर प्रभाव
ग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र एवं सिंह राशि में पढ़ने से मेष राशि वालों को चिंता कारक है। वृष राशि वालों को पीड़ा दायक है। मिथुन राशि वालों को धन प्राप्ति कर्क हानि कारक है । सिंह राशि वालों को कष्ट कारक है। कन्या राशि वालों को हानि कारक है तुला राशि वालों को लाभ वृश्चिक राशि वालों को सुख, शांति, समृद्धि कारक धनु राशि वालों को मानहानि मकर को मृत्यु तुल्य कष्ट कुंभ स्त्री पीड़ा दायक है। मीन राशि को सुख, शांति, समृद्धि कारक है।
क्या होसकता है चंद्रग्रहण का असर
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि 15 दिन में साल का दूसरा ग्रहण सिंह राशि में है सिंह राशि का स्वामी सूर्य अपने शत्रु शनि की कुंभ राशि में राहु, मंगल, बुध के साथ चतुर्ग्रही योग बनाए हुए हैं गुरु ग्रह पर भी राहु की दृष्टि है।
इस तरह का ग्रहण के समय कुंभ राशि में ग्रहों का जाल ज्योतिष गणना में बेहद संवेदनशील कहा गया है।
सत्ता परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं के योग यह ग्रहण कई मायने में वैश्विक असर करेगा सूर्य, मंगल से राहु की युति एवं शनि का सूर्य मंगल ग्रह से द्विर्द्वादश योग हिंसा, अग्नि की घटनाएं वैश्विक राजनीत में तनाव नेताओं में आरोप प्रत्यारोप एवं धर्मगुरुओं पर धर्म संकट बढ़ेगा क्योंकि धर्म गुरुओं पर संकट बढ़ेगा क्योंकि गुरु ग्रह पर राहु की पंचम दृष्टि बवाल को बढ़ाएगी भारत की राजनीत और धर्म गुरु इसकी बड़ी चपेट में रहेंगे।
ग्रहण का समय एवं सूतक इस ग्रस्तोदित चंद्रग्रहण का सूतक 03 मार्च को प्रातः 06:20 बजे से प्रारंभ हो जाएगा ग्रहण का स्पर्श भारतीय समयानुसार दोपहर 15:20 बजे पर ग्रहण का मध्य 17:05 बजे एवं ग्रहण का मोक्ष शाम 18:47 बजे होगा। ग्रहण का परम गृह मान 1.150 रहेगा एवं ग्रहण का पर्व काल 03 घंटे 27 मिनट रहेगा।
ग्रहण का समय विभिन्न शहरों में
ग्वालियर में 18:19 बजे, भोपाल में 18:24 बजे, इंदौर/उज्जैन में 18:30 बजे दिल्ली में 18:22 बजे, जयपुर में 18:28 बजे, लखनऊ में 18:07 बजे, मुंबई में 18:45 बजे अहमदाबाद में 18:44 बजे, मथुरा में 18:23 बजे कोलकाता में 18:31 बजे, चंडीगढ़ में 18:22 बजे ।
भारत के अधिकांश भागों में चंद्रमा ग्रस्त हुआ ही उदय होगा।
देश के जिस भाग में जिस समय चंद्रोदय होगा तभी वहा ग्रहण देखा जा सकेगा। ग्रहण का अंत संपूर्ण देश में सायं 06:47 पर होगा।
पंद्रह दिन में दूसरा खग्रास चंद्रग्रहण 03 मार्च मंगलवार को चंद्रग्रहण चतुर्ग्रही योग के साथ भयकारी

