जिनाग़म पंथ जयवंत हो भावलिंगी संत जयवंत हो *पांचवां साप्ताहिक जिनाभिषेक भक्तिमय सानंद सम्पन्न
परम पूज्य भावलिंगी संत गुरुदेव श्री विमर्श सागर जी महामुनिराज के मंगल भावना व आशीर्वाद एवं परम पूज्य एटा गौरव आर्यिका रत्न शिरोमणि श्री विमर्शिता श्री माताजी के मंगल निर्देशन मे आज बड़े जैन मंदिर जी में पांचवां साप्ताहिक जिनाभिषेक पूरे भक्ति भाव एवं युवा जोश के साथ सानन्द सम्पन्न हुआ। आओ करे सभी समस्याओ का…

