इटावा। सैफई विकास खंड के टिमरूआ चौराहे पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के विरुद्ध लगातार हो रहे हमले, मंदिरों को निशाना बनाए जाने, महिलाओं और बच्चों के साथ की जा रही बर्बरता तथा भय के माहौल में जबरन पलायन की घटनाओं को लेकर प्रदर्शन किया।आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष संजीव शाक्य ने कहा ये घटनाएं चिंताजनक और मानवता को शर्मसार करने वाली हैं। इससे भी अधिक पीड़ादायक तथ्य यह है, कि इन गंभीर घटनाओं के बावजूद भारत की केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अब तक कोई ठोस, प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई सामने नहीं आई है।संजीव शाक्य ने कहा कि भारत जैसे लोकतांत्रिक और नैतिक नेतृत्व वाले राष्ट्र से यह अपेक्षा की जाती है कि वह पड़ोसी देश में हिन्दू अल्पसंख्यकों पर हो रहे संगठित अत्याचारों पर केवल मौन न साधे, बल्कि अपनी कूटनीतिक, आर्थिक और अंतरराष्ट्रीय शक्ति का प्रयोग कर पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित कराए। मौजूदा परिस्थितियों में भारत सरकार की चुप्पी न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि इससे अत्याचारियों का मनोबल भी बढ़ रहा है।आम आदमी पार्टी, महामहिम राष्ट्रपति से संविधान के तहत अपने विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए प्रदर्शन के माध्यम से केंद्र सरकार को निम्नलिखित तत्काल और कठोर निर्णय लेने के निर्देश देने की मांग करती है भारत बांग्लादेश के सभी व्यापारिक एवं कूटनीतिक संबंध तत्काल प्रभाव से समाप्त किए जाएं, जब तक बांग्लादेश सरकार हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की ठोस गारंटी नहीं देती।केंद्र सरकार द्वारा बांग्लादेश को दी जा रही बिजली की आपूर्ति पर तुरंत रोक लगाई जाए, क्योंकि भारत के संसाधनों का उपयोग ऐसे देश के लिए नहीं हो सकता जहाँ हिन्दू अल्पसंख्यकों का खुलेआम उत्पीड़न हो रहा हो।अडानी समूह द्वारा बांग्लादेश को दी जा रही बिजली की आपूर्ति पर भी तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि किसी भी निजी या कॉर्पोरेट लाभ के लिए भारत की नैतिक जिम्मेदारियों से समझौता न होबांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भारत में जिस प्रकार विशेष अतिथि की तरह संरक्षण दिया जा रहा है, उसके चलते बांग्लादेश में भारतीयों और विशेषकर हिंदुओं के विरुद्ध नफरत और हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है। इस विषय पर प्रधानमंत्री को तत्काल कड़ा और स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए, जिससे यह संदेश जाए कि भारत किसी भी रूप में हिंदू विरोधी हिंसा का समर्थन या संरक्षण नहीं करता।संजीव शाक्य ने कहा कि भारत सरकार ने निर्णायक कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में यह न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा बनेगा, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय साख और नैतिक नेतृत्व पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाएगा। भारत का संविधान हमें यह सिखाता है कि अन्याय के विरुद्ध मौन रहना भी अन्याय का ही एक रूप है।विरोध प्रदर्शन में संजीव शाक्य जिला अध्यक्ष, मनोज यादव जिला उपाध्यक्ष, बसंत कुमार जिला अध्यक्ष श्रम प्रकोष्ठ ,अशोक कुमार शाक्य, बृजेश बाबू शाक्य, सुरेश जाटव, जनवेद सिंह, अंकित, गुलशन, गुड्डू खान ,मोनू खान ,अशोक बाथम, सुधाकर शाक्य ,प्रदीप शाक्य, आरजू सक्सेना, अजब सिंह, अवधेश कुमार, प्रवीण शाक्य सहित तमाम पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आम पार्टी कार्यकर्ताओं ने घटनाओं को लेकर किया प्रदर्शन

