रंगभरनी एकादशी पर भोलेनाथ से खेली फूलों, अबीर गुलाल से होली

इटावा- रंगभरनी एकादशी के अवसर पर पक्का तालाब स्थित श्री तुरंतानाथ मंदिर पर श्री सत्यनारायण समाज सेवा संस्थान की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सचिव डॉ ज्योति वर्मा ने फूलों से भोलेनाथ का परिवार समेत श्रृंगार कर फल और मिष्ठान अर्पित कर पूजा अर्चना की और आरती उतारी। फूलों और अबीर गुलाल से होली खेलकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।महिलाओं ने होली खेले को अइयो मोरे गांव रे,गौरा ढूंढ रही पर्वत पे शिव को पति बनाने को,ओ कान्हा रे मेरी भर दे गगरिया, मैया जी मेरी सुन लेना अरदास, मैया तेरे चरणों की रजधूल जो मिल जाए, मेरी झोपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे राम आएंगे। ढोलक, मंजीरा के साथ भक्ति गीत व होली गीत गाए और नृत्य किया। एक दूसरे को गुलाल लगाया। सचिव डॉ ज्योति वर्मा ने बताया कि रंगभरनी एकादशी को आमलकी एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि विवाह के बाद भगवान शिव पहली बार माता पार्वती के साथ काशी आए थे, उसी की स्मृति में यह पर्व मनाया जाता है। इसी दिन से काशी में होली का उत्सव शुरू हो जाता है।संस्था अध्यक्ष मनोरमा वर्मा,आंचल, सुचित्रा वर्मा, शालिनी वर्मा, शिखा पाल, जागृति वर्मा, जयश्री वर्मा, अमृषा पटेल ,कुसुम राजपूत, सुमन, निधि, अनीता परिहार,शालिनी चौहान,गरिमा परिहार,गीताचतुर्वेदी,मीनाक्षी,मंजू आदि शामिल रहीं। प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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