बिना चारित्र के मिले ज्ञान से, संसार सागर से मुक्ति नहीं मिलती -मुनिश्री विलोकसागर
मुरैना (मनोज जैन नायक) आध्यात्मिक वर्षायोग में प्रतिदिन चल रही प्रवचनों की श्रृंखला में बड़े जैन मंदिर में चातुर्मासरत जैन संत मुनिश्री विलोकसागरजी महाराज ने ग्रन्थराज समयसार की विवेचना करते हुए कहा कि ज्ञान प्राप्त करना, ग्रंथों का, शास्त्रों का अध्ययन करना तो सहज और सरल है। शास्त्रों और ग्रंथों का अध्ययन करना भी सहज…

