बाहरी त्याग नहीं, मन की आसक्ति छोड़ना ही सच्चा त्याग – मुनिश्री सुधासागर जी
इंदौर। दलालबाग में आयोजित धर्मसभा में विद्या सुधा देशना मंडप में तीर्थ चक्रवृती मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवनभर संसार और धर्म के बीच भटकता रहता है, लेकिन यह तय नहीं कर पाता कि उसे जाना कहाँ है। मोक्ष की ओर जाना है तो उसका मार्ग चुनिए, लेकिन जीवन को…

