इटावा। सोने-चांदी का कारोबार विश्वास और पारदर्शिता पर आधारित माना जाता है। ग्राहक अपनी मेहनत की कमाई और वर्षों की बचत से आभूषण खरीदते हैं, ऐसे में उन्हें शुद्धता, वजन, कीमत और बिलिंग की पूरी जानकारी मिलना बेहद महत्वपूर्ण है। इटावा के सर्राफा बाजार में कम मेकिंग चार्ज और आकर्षक दरों के प्रचार के बीच अब कारोबार में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।हाल ही में सामने आए एक टैक्स इनवॉइस में 18K/760 शुद्धता के गोल्ड ऑर्नामेंट के साथ सकल एवं नेट वजन, सोने की दर, जीएसटी और हॉलमार्क चार्ज जैसी विभिन्न मदें दर्ज दिखाई देती हैं। हालांकि, केवल किसी बिल को देखकर किसी प्रकार की अनियमितता का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है। फिर भी यह सवाल महत्वपूर्ण है कि ग्राहक को आभूषण की शुद्धता, वास्तविक नेट गोल्ड वजन, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क की जानकारी स्पष्ट रूप से दी जा रही है या नहीं।बाजार में कम मेकिंग चार्ज का प्रचार ग्राहकों को आकर्षित करता है, लेकिन विशेषज्ञों और व्यापार से जुड़े लोगों का मानना है कि ग्राहक को केवल मेकिंग चार्ज की दर नहीं, बल्कि आभूषण की पूरी लागत और गुणवत्ता की जानकारी समझना भी जरूरी है।ग्राहक को यह स्पष्ट होना चाहिए कि वह कितने कैरेट का सोना खरीद रहा है, आभूषण का ग्रॉस और नेट वजन कितना है, मेकिंग चार्ज किस आधार पर लगाया गया है तथा बिल में जीएसटी, हॉलमार्क और अन्य शुल्क किस प्रकार दर्ज किए गए हैं।कुछ प्रतिष्ठानों के नाम अथवा व्यापारिक पहचान में बदलाव को लेकर बाजार में चर्चाएं होने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि, किसी कारोबारी के खिलाफ बिना ठोस प्रमाण के कोई आरोप सही नहीं माना जा सकता। ऐसे में यदि किसी ग्राहक के पास गुणवत्ता, वजन, बिलिंग अथवा अन्य अनियमितता से संबंधित ठोस दस्तावेज या स्वतंत्र जांच रिपोर्ट है तो उसे संबंधित विभाग के समक्ष प्रस्तुत कर नियमानुसार जांच कराना उचित होगा।सोने के आभूषण खरीदते समय ग्राहकों को हॉलमार्क और HUID की पुष्टि करने, कैरेट एवं शुद्धता की जानकारी लेने, ग्रॉस और नेट वजन समझने तथा मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क को बिल में स्पष्ट रूप से देखने की सलाह दी जा रही है। साथ ही ग्राहक को पूरा टैक्स इनवॉइस अवश्य लेना चाहिए।
व्यापारियों का कहना है कि कुछ प्रतिष्ठानों की कार्यप्रणाली को लेकर उठने वाले सवालों का प्रभाव पूरे सर्राफा बाजार की साख पर पड़ सकता है। ऐसे में ईमानदारी और पारदर्शिता से कारोबार करने वाले व्यापारियों के हित में भी यह जरूरी है कि ग्राहकों को आभूषण की शुद्धता, वजन और कीमत से जुड़ी सभी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जाए।ग्राहकों से जुड़ी शिकायतों को लेकर अब निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। यदि किसी ग्राहक के पास जेवर की शुद्धता, वजन, बिलिंग अथवा अन्य किसी कथित अनियमितता से संबंधित ठोस दस्तावेज उपलब्ध हैं तो संबंधित सक्षम अधिकारियों के समक्ष शिकायत कर सत्यापन कराया जा सकता है।सोने की असली कीमत केवल उसकी चमक में नहीं, बल्कि उसकी शुद्धता, सही वजन, पारदर्शी बिलिंग और ग्राहक के भरोसे में है। ऐसे में कम मेकिंग चार्ज के प्रचार के साथ ग्राहकों को पूरी जानकारी उपलब्ध कराना बाजार की विश्वसनीयता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कम मेकिंग चार्ज के दावों के बीच सोने के कारोबार की पारदर्शिता पर उठे सवाल शुद्धता, वजन, मेकिंग चार्ज और बिलिंग व्यवस्था को लेकर ग्राहकों ने जताई चिंता; निष्पक्ष जांच की मांग

