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एकाग्रता, आत्मप्रेरणा और लक्ष्य निर्धारण से मिलेगी सफलता : कुलगुरु आचार्य

ग्वालियर। जीवाजी विश्वविद्यालय के वाणिज्य विभाग में बुधवार को नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. नवनीत पचौरी एवं कुलगुरु डॉ.राजकुमार आचार्य ने विद्यार्थियों को सफल जीवन, अनुशासन और लक्ष्य निर्धारण का मंत्र दिया।
मुख्य अतिथि डॉ. नवनीत पचौरी ने कहा कि मोटिवेशन को बनाए रखने के लिए आत्मप्रेरणा सबसे आवश्यक है। अभिप्रेरणा सीखने का सबसे बड़ा राजमार्ग है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं की नियमित समीक्षा करने, चिंतनशील बनने तथा छात्र जीवन में धैर्य और संयम बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए
कुलगुरु डॉ. राजकुमार आचार्य ने कहा कि वाणिज्य केवल अर्थ से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि जीवन और समाज को समझने का भी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से एकाग्रचित होकर अध्ययन करने, पढ़ाई के साथ एनएसएस एवं एनसीसी जैसी सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने तथा माता-पिता और गुरुजनों के प्रति सम्मान का भाव बनाए रखने की अपील की।डीन प्रो. राजेंद्र खटीक ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाता है। प्रत्येक विद्यार्थी को अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसी दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए।प्रो. एस.के. सिंह ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन का महत्व बताते हुए समय पर सोने, उठने और भोजन करने की आदत विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने प्रत्येक कार्य के लिए समय निर्धारित करने तथा रैगिंग विरोधी नियमों की विस्तृत जानकारी भी दी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपक वर्मा ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. सुनीता चौहान ने व्यक्त किया।
इस अवसर पर प्रो. राजेंद्र खटीक, प्रो. एस.के. सिंह, डॉ. नवनीत पचौरी, डॉ. दीपक वर्मा, डॉ. सुनीता चौहान, श्रीमती नीलम खत्री, ब्रजेश राणा, नीलम त्रिपाठी, प्रीति सप्रे सहित विभाग के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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