इटावा। मंगलवार दोपहर बाद आए भीषण आंधी-तूफान ने जनपद में भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं के चलते शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सैकड़ों पेड़ जड़ समेत उखड़ गए, जबकि दर्जनों बिजली के खंभे धराशायी हो गए। कई स्थानों पर पेड़ गिरने से वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए और विद्युत आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई।शहर में सिविल लाइन थाना के सामने, पक्का तालाब स्थित आरा मशीन परिसर, कुनैरा पावर हाउस सहित कई स्थानों पर विशालकाय पेड़ गिर गए। कई जगह पेड़ों की चपेट में आने से दीवारें और लोहे के गेट भी क्षतिग्रस्त हो गए।
विद्युत विभाग के जेई शिवम शर्मा और शिवपीजन के अनुसार रामलीला फीडर, मानिकपुर मोड़ और रानीबाग क्षेत्र में 10 से 12 पेड़ एवं कई बिजली पोल गिर गए हैं। वहीं बाइस ख्वाजा कब्रिस्तान क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक पेड़ तथा पानी की मशीन भी जमीन से उखड़ गई।
विद्युत वितरण खंड इटावा के अधिशासी अभियंता हनुमान प्रसाद ने बताया कि नगर क्षेत्र में ही लगभग 50 से अधिक बिजली के पोल गिर गए हैं। सबसे ज्यादा नुकसान गुरु तेग बहादुर बिजली घर, मैनपुरी फाटक बिजली घर, इंजीनियरिंग कॉलेज बिजली घर और रामलीला बिजली घर क्षेत्र में हुआ है। नुकसान के कारण सभी संबंधित बिजली घरों से आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।उन्होंने बताया कि विभागीय टीमें लगातार पेट्रोलिंग कर रही हैं और गिरे हुए पोल तथा क्षतिग्रस्त तारों को दुरुस्त करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। विद्युत आपूर्ति को जल्द से जल्द बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।उधर, प्रशासनिक अधिकारी भी तूफान से हुए नुकसान का आकलन करने में जुटे हुए हैं। जनपद भर में पेड़ गिरने, बिजली व्यवस्था बाधित होने और संपत्तियों को हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जा रही है। तूफान के बाद जनजीवन प्रभावित हो गया है और कई क्षेत्रों में देर रात तक बिजली बहाल होने की संभावना जताई गई है।
इटावा में भीषण तूफान ने मचाई तबाही, सैकड़ों पेड़ उखड़े, 50 से अधिक बिजली पोल गिरे

