इटावा -एशियाई बब्बर शेरों के आशियाने इटावा सफारी पार्क में आज अर्ध वयस्क शेरनी क्रूपा का पहला जन्मदिन केक काटकर मनाया गया। शेरनी रूपा और बब्बर शेर कान्हा के साथ हुई मेटिंग से चार शावकों का जन्म हुआ था, परंतु शेरनी रूपा द्वारा शुरुआती दो दिनों में दो शावकों को अपने नीचे दबा देने से उनकी मृत्यु हो गई थी। शेष दो नवजात शावकों को माँ से अलग करते हुए पालन पोषण हेतु निओनेटल हाउस में रखा गया। कीपर एवं वन्यजीव चिकित्सकों के प्रयास से दोनों शावकों का पालन पोषण किया जा रहा था 87वें दिन एक नर शावक को नहीं बचाया जा सका। अकेले बची हुई मादा शावक क्रूपा अपने साथी शावक से बिछड़ने के कारण लगातार बेचौन रहने लगी और अपना खाना पीना पूर्ण रूप से बंद कर दिया।सफारी पार्क प्रबंधन के सामने मादा शावक क्रूपा को बचाना एक चुनौती पूर्ण सफ़र था। 90वें दिन उक्त मादा शावक को निओनेटल हाउस में पल रहे लेपर्ड शावकों के पास के क्राल में रखा गया। लेपर्ड शावकों को बगल में पाकर क्रूपा उछल कूद करते हुए अपना आहार ग्रहण करने लगी और लेपर्ड शावकों की उपस्थिति से क्रूपा का अकेलापन भी खत्म हो गया। इस प्रकार से क्रूपा का प्रथम वर्ष चुनौती पूर्ण रहा। वर्तमान में क्रूपा को उसकी माँ रूपा एवं पिता कान्हा के पास लायन हाउस 1 में रखा गया है। क्रुपा अपने दोनों माँ और पिता को पाकर अत्यंत प्रसन्न है तथा खूब उछल कूद कर रही है। क्रुपा के प्रथम जन्मदिन पर सफारी पार्क का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
लायन सफारी में शेरनी क्रूपा का मनाया पहला जन्मदिन

