बड़ौत में हुयी 35 पीछीधारी संयमियों की शीतकालीन मंगल कलश स्थापना
‘जीवन है पानी की बूंदे” महाकाव्य के मूल रचनाकार, संघ शिरोमणि भावलिंगी संत दिगम्बराचार्य श्री 108 विमर्शसागर जी महामुनिराज, जिनके पादमूल में 35 पीछी धारी संयमी साधक संयम की साधना, रत्नत्रय की आराधना में संलग्न रहते हैं। ऐसे विशाल चतुर्विधसंघ के अधिनायक श्रेष्ठ दिगम्बराचार्य का ससंघ शीतकालीन प्रवास धर्मनगरी बड़ौत में हो रहा है। दिसम्बर…

