इटावा। दीपावली के उल्लास के बीच शहर में मिठाइयों की खरीदारी ने बाजारों की रौनक बढ़ा दी है। त्योहार पर अपनों का मुंह मीठा कराने और रिश्तों में मिठास घोलने के लिए लोग पसंदीदा मिठाइयों की खरीदारी कर रहे हैं। शास्त्री चौराहा, बल्देव चौराहा, तहसील चौराहा, नगर पालिका चौराहा, राजागंज और बजाजा लाइन सहित शहर के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की अच्छी खासी भीड़ नजर आ रही है।
इटावा के पुराने मिठाई प्रतिष्ठानों में अपनी अलग पहचान रखने वाला बल्देव प्रसाद मिष्ठान भंडार इस दीपावली पर भी ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रतिष्ठान की लगभग नौ दशक पुरानी सोनपपड़ी आज भी अपने पारंपरिक स्वाद के लिए जानी जाती है। प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर सुरेश चंद्र यादव के पुत्र शरद यादव ने बताया कि सोनपपड़ी की यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है और इसकी लोकप्रियता आज भी कायम है।
उन्होंने बताया कि प्रतिष्ठान की सोनपपड़ी का स्वाद पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को भी पसंद था। वह इसे संसद तक ले जाकर लोगों को खिला चुके हैं। इसके अलावा छोटे लोहिया के नाम से विख्यात जनेश्वर मिश्र भी प्रतिष्ठान पर आकर सोनपपड़ी का स्वाद ले चुके हैं। यही वजह है कि यह मिठाई प्रतिष्ठान की खास पहचान बन गई है।
शरद यादव ने बताया कि दीपावली के मद्देनजर ग्राहकों को शुद्धता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए देसी घी से तैयार मिठाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। पारंपरिक स्वाद को बरकरार रखना प्रतिष्ठान की प्राथमिकता है। त्योहार के चलते सोनपपड़ी सहित अन्य मिठाइयों की मांग में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि दीपावली केवल रोशनी का पर्व नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और सौहार्द का भी प्रतीक है। इस अवसर पर मिठाइयों का आदान-प्रदान खुशियों को साझा करने का एक खास माध्यम बनता है।
दीपावली पर मिठाई बाजार में छाई रौनक, 90 साल से इटावा की पहचान बनी बल्देव प्रसाद की सोनपपड़ी

