इटावा। नारायन कॉलेज ऑफ साइंस एंड आर्ट्स के विशाल ऑडिटोरियम में दीपावली के पावन अवसर पर विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें रंगोली मेकिंग, थाली डेकोरेशन, दीया डेकोरेशन एवं दीया पेंटिंग प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी कला और रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने आकर्षक कलाकृतियों के माध्यम से भारतीय परंपरा, संस्कृति और सभ्यता के प्रति अपने गौरव का संदेश दिया।
प्रतियोगिता के अंतर्गत कक्षा एक एवं दो के विद्यार्थियों ने दीया पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया, जबकि कक्षा तीन से पांच तक के विद्यार्थियों के बीच दीया मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें प्रिंस सिंह (कक्षा 3 मार्स), दिव्या (कक्षा 4 मार्स), ब्यूटी यादव (कक्षा 4 मरकरी), अनिकेत (कक्षा 5 मार्स) और काव्य राजपूत (कक्षा 5 वीनस) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
वहीं, कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों के लिए थाली मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें प्रियांशी (कक्षा 7 वीनस) एवं याशिका सेंगर (कक्षा 8 मार्स) ने प्रथम स्थान हासिल किया। इसके साथ ही आयोजित इंटर हाउस रंगोली मेकिंग प्रतियोगिता में फेथ हाउस ने प्रथम स्थान प्राप्त कर बाजी मारी।इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि दीपावली प्रेम, सौहार्द और भारतीय संस्कृति का प्रतीक पर्व है। उन्होंने प्रख्यात कवि गोपालदास नीरज की पंक्तियों, “जलाओ दिए पर रहे ध्यान इतना, अंधेरा धरा पर कहीं रह न जाए” का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें ज्ञान रूपी दीप जलाकर अज्ञानता के अंधकार को दूर करने का प्रयास करना चाहिए। अपने व्यवहार और कार्यों से समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त कर सकारात्मकता का प्रकाश फैलाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से दीपावली पर अत्यधिक आवाज वाले पटाखों का प्रयोग न करने तथा पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि दीपावली भगवान श्रीराम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या आगमन की खुशी में मनाई जाती है और यह अधर्म पर धर्म की विजय का भी प्रतीक है।
नारायन कॉलेज में दीपावली पर सजी रचनात्मकता की रंगोली, विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाया हुनर

