इटावा ।’स्वच्छता ही सेवा’ अभियान के अंतर्गत सामाजिक वानिकी प्रभाग,जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति के संयुक्त तत्वावधान में हनुमान घाट तलहटी और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाया गया।इसके साथ ही मानिकपुर मोड़ स्थित पान कुंवर इंटरनेशनल स्कूल में विद्यार्थियों के बीच जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से चित्रकला प्रतियोगिता,स्वच्छता शपथ,पौधरोपण और विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप प्रभागीय वनाधिकारी अंशुमान मित्तल ने कहा कि स्वच्छता केवल एक दिन का कर्तव्य नहीं,बल्कि हमारी जीवनशैली का अभिन्न अंग होना चाहिए।प्रकृति और नदियों को स्वच्छ रखकर ही हम एक स्वस्थ व सुरक्षित भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश समिति सदस्य विनीता गुप्ता ने जनभागीदारी पर जोर देते हुए कहा कि जब तक समाज का प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा,तब तक स्वच्छता का संकल्प अधूरा रहेगा। पान कुंवर इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक डॉ. कैलाश चंद्र यादव ने सभी अतिथियों का आभार जताया और कहा कि बच्चों में बचपन से ही पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और प्रेम जगाना स्कूल का प्रमुख ध्येय है।गोष्ठी में पर्यावरणविद संजय सक्सेना ने पारिस्थितिकी तंत्र के असंतुलन पर चिंता जताते हुए सिंगल-यूज प्लास्टिक को पूरी तरह त्यागने का आह्वान किया। नमामि गंगे के डीपीओ संजीव चौहान ने नदियों की अविरलता और निर्मलता के लिए घाटों की नियमित सफाई पर बल दिया।पर्यावरण निदेशालय की जेआरएफ डॉ.संगीता ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण रखते हुए बताया कि दैनिक जीवन की छोटी-छोटी जागरूक आदतें पर्यावरण को बड़े प्रदूषण से बचा सकती हैं। कार्यक्रम के दौरान ‘स्वच्छ भारत,सुंदर भारत’ विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी रचनात्मकता से मन मोह लिया।प्रतियोगिता में आर्यन ने प्रथम,अवनी ने द्वितीय और खुशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया,चिराग और दिव्यांश को सांत्वना पुरस्कार से नवाजा गया।कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों,छात्र-छात्राओं और गणमान्य नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता की सामूहिक शपथ दिलाई गई।साथ ही विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया गया। इस अवसर पर भाजपा जिला महामंत्री जितेंद्र गौड़, युवा मोर्चा के जिला महामंत्री मोनू चौहान,जिला मंत्री प्रीति दुबे,विश्वनाथ प्रताप सिंह चौहान,हरेंद्र भदौरिया,रजत एवं अनुज तिवारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।

