इंदौर। दलाल बाग चातुर्मास में दलाल बाग स्थित देशना मंडप में पूज्य मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज ने कहा कि भगवान पर विश्वास रखना अच्छी बात है, लेकिन पूरी जिंदगी भगवान भरोसे छोड़ देना उचित नहीं है। हम अक्सर भगवान को ही अपनी जिंदगी का ड्राइवर बना लेते हैं, सोचते हैं भगवान सब ठीक कर देंगे। जबकि गाड़ी हमारी है, रास्ता हमारा है, ड्राइवर भी हमें ही बनना होगा। भगवान रास्ता दिखा सकते हैं, आशीर्वाद दे सकते हैं, लेकिन गाड़ी हमें ही चलानी है।
कर्म से पहले भाव को देखो
गुरुदेव ने कहा कि मनुष्य के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण उसके भाव हैं। बाहर का कर्म बाद में आता है, शुरुआत भीतर की भावना से होती है। गलत भावना ही पाप कर्म का कारण बनती है। इसलिए केवल बाहरी आचरण नहीं, भीतर के भावों को शुद्ध करना जरूरी है। भाव शुद्ध होंगे तो कर्म शुद्ध होंगे।
जाति से बड़ा कर्म, कुल से बड़ा चरित्र
उन्होंने कहा मनुष्य का परिचय जन्म-जाति से नहीं, कर्म और चरित्र से होता है। हमारे कर्म इतने अच्छे हों कि कुल का नाम हमारे कारण ऊंचा हो। केवल मंदिर जाना पर्याप्त नहीं, मंदिर हमें भीतर देखने की प्रेरणा देता है। धर्म तब सार्थक है जब उसे जीवन में धारण किया जाए। सच्ची भक्ति भगवान से मांगना नहीं, भगवान के गुणों को जीवन में उतारना है। धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि
मुनि श्री ने यह भी कहा
० कर्म की कभी उपेक्षा मत करना एक बार भले ही मां-बाप की, धर्म की बात मत मानना चलेगा लेकिन कर्म की बात अवश्य मानना क्योंकि कर्म बहुत शक्तिशाली होता है और वह न किसी को छोड़ता है और न क्षमा करता है।
० जो तुम्हें आज जैन कुल मिला, जैन धर्म के संस्कार मिले, देव दर्शन अभिषेक पूजन की सुविधा मिली, गुरु का सानिध्य, आशीर्वाद और चातुर्मास मिला वह सब तुम्हारे पूर्व जन्म के कर्म और मरते समय की गई कर्म बद्ध (भावना) का परिणाम है कि तुम्हें जैन कुल मिला।
० भारत में आज ऐसे भी गांव हैं जहां आज तक कोई मुनि महाराज नहीं पहुंचे। लेकिन ,इंदौर के लोग शोभाग्यशाली हैं कि यहां निरंतर साधु का सानिध्य और चातुर्मास होते रहते हैं। धर्म सभा का संचालन आवाज की दुनिया के जादूगर अनुराग जैन ने किया। दद्दू ने बताया कि आज गुजरात से 1000 श्रद्धालु पहुंचे 2027अगले चातुर्मास की भावना लेकर गुजरात से 1000 से अधिक श्रद्धालु आज दलाल बाग पहुंचे और मुनि श्री के समक्ष श्रीफल समर्पित कर उनसे अगला चातुर्मास गुजरात की वसुंधरा पर करने का विनम्र भाव से निवेदन किया।
इस अवसर पर आलोक आकाश कोल अक्षय कासलीवाल नवीन गोधा, आनंद गोधा हर्ष जैन, भूपेंद्र भोपाली, डॉ जैनेंद्र जैन , वीरेंद्र देवरी ,अखिलेश अरविंद सोधिया, राजेश दद्दू, संजय पाटोदी सहित अनेक समाज श्रेष्ठी उपस्थित थे।

