इंदौर।
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर दलाल बाग, छत्रपति नगर में मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज के सानिध्य में श्रमण संस्कृति रक्षा दिवस के रूप में भव्य रक्षाबंधन विधान संपन्न हुआ।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि पूरा पंडाल “रक्षा-वंदन करो, श्रमण संस्कृति रक्षक जयवंत हो” के जयघोषों से पूरा पंडाल गूंज उठा।
गुरुदेव ने अपनी देशना में सुनाया 700 मुनिराजों के उपसर्ग का प्रसंग
धर्मसभा में गुरुदेव ने आचार्य अकंपनाचार्य सहित 700 मुनिराजों पर आए भयंकर उपसर्ग का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का नहीं, बल्कि धर्म और साधु-संतों की रक्षा का पर्व है। गुरु देव ने हजारों की संख्या में पधारे समाज जन को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में Ego Point और Prestige Point नहीं बनाना चाहिए। परिवार और समाज में अहंकार को ऊपर रखने से संबंधों में दरार आती है। “हर लड़ाई जीतना जरूरी नहीं, कई लड़ाइयों से दूर रहना ही सबसे बड़ी जीत है। दुष्टता का उत्तर दुष्टता से नहीं, संयम और विवेक से देना चाहिए।” धर्म प्रभावना समिति के सपनामनीष गोधा ने कहा कि
लाखों श्रीफलों से सजा अद्भुत दृश्य
इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में लाखों श्रीफल समर्पित कर श्रमण संस्कृति, देव-शास्त्र-गुरु की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया। दलाल बाग परिसर में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ विधान में बैठे, दृश्य अद्भुत और ऐतिहासिक रहा। विधान में
ये रहे समाज श्रेष्ठी उपस्थित*
चक्रवर्ती अध्यक्ष मनीष सपना गोधा आलोक आकाश कोल आनंद नवीन गोधा, महोत्सव अध्यक्ष अशोक डोसी, महामंत्री हर्ष जैन, , आशारानी पंड्या, डॉ जैनेन्द्र जैन प्रिंसपाल टोंग्या, गिरीश गिन्नी, अक्षय कासलीवाल, राहुल स्पोर्ट्स, भूपेंद्र भोपाली कमल जैन चेलेंजर सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। विधान की
समस्त धार्मिक क्रियाएं प्रतिष्ठाचार्य प्रदीप ब्रह्मचारी,पारस भैया द्वारा संपन्न कराई गईं।
पूज्य सुधासागर जी के सानिध्य में इंदौर में ऐतिहासिक रक्षाबंधन विधान, गूंजा रक्षा-वंदन का संकल्प

