सैफई : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर महंगाई, किसान और शिक्षा के मुद्दे पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि चीनी, पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा की वस्तुओं के बढ़ते दामों से त्योहारों की रौनक फीकी पड़ गई है। किसान को जरूरत के समय खाद नहीं मिल रही और फसलों का लागत के अनुरूप मूल्य नहीं मिल रहा। उन्होंने कहा कि देश में सबसे बड़ा संकट भाजपा है, इसके हटने पर कई संकट खत्म हो जाएंगे।
रक्षाबंधन के अवसर पर सैफई में पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने प्रदेशवासियों को पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई द्वारा बहन की रक्षा का संकल्प लेने का पर्व है। आज महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का भी संकल्प लेना चाहिए। पीडीए में आधी आबादी महिलाओं की है। आने वाली समाजवादी सरकार में महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए निर्णय लिए जाएंगे।
नेपाल में हुई प्राकृतिक आपदा पर उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि घटना के कारणों की वैज्ञानिक जांच जरूरी है। उपग्रह और आधुनिक तकनीक से समय रहते ऐसी घटनाओं की जानकारी मिल जाए तो जनहानि को कम किया जा सकता है। सरकार को ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए। उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए भारत सरकार से नेपाल को हरसंभव सहायता पहुंचाने की अपील की।महंगाई पर उन्होंने कहा कि आम जनता महसूस कर रही है कि त्योहार आते ही जरूरी वस्तुएं महंगी हो जाती हैं। चीनी के साथ पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं। बाजार में सामान महंगा होने से लोग खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों को मुनाफा कमाने की खुली छूट दे रही है। सवाल उठाया कि महंगी चीनी और पेट्रोल से होने वाला मुनाफा किसके पास जा रहा है। कहीं इसी मुनाफे में चंदे का हिस्सा तो नहीं है।किसानों की स्थिति पर उन्होंने कहा कि पहले बोरी से खाद की चोरी होती थी, अब पूरी बोरी गायब हो गई। किसान को सबसे अधिक जरूरत के समय खाद उपलब्ध नहीं होती। मक्का और आलू समेत कई फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, जबकि लागत लगातार बढ़ रही है। हर फसल में किसान घाटा उठा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े उद्योग समूहों के साथ समझौते कर रही है। तीन कृषि कानूनों के विरोध के बाद भले ही वे कानून लागू न हो सके हों, लेकिन उसी दिशा में दूसरे रास्तों से काम किया जा रहा है। इससे खेती किसान के हाथ से निकलने का खतरा है।शिक्षा व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि यदि कोई पत्रकार प्राथमिक विद्यालय की बदहाली दिखा दे तो शायद उसे जेल भेज दिया जाए। सैफई और लखनऊ में नए प्राथमिक तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बनाने का निर्णय हुआ था, लेकिन जो विद्यालय बनने शुरू हुए थे, उन्हें भी बर्बाद कर दिया गया। आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा को बढ़ावा नहीं देना चाहती, क्योंकि गरीब का बच्चा पढ़ेगा तो सवाल करेगा और अच्छे-बुरे को समझेगा। जो लोग सवालों से घबराते हैं, वे लोकतंत्र को कैसे मजबूत करेंगे।अखिलेश यादव ने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसे लोग अंडरग्राउंड, अनरजिस्टर्ड और सुरंगवादी हैं। उनसे क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने कहा कि देश के सामने सबसे बड़ा संकट भाजपा है। भाजपा हटेगी तो संकट खत्म होंगे। उन्होंने प्रदेशवासियों से एकजुट होने और आने वाले समय में समाजवादी पार्टी को मजबूत करने की अपील की।
महंगाई से त्योहारों की रौनक फीकी, भाजपा हटेगी तो संकट खत्म होंगे -अखिलेश यादव

