इटावा। शिया समाज के मोहर्रम के अलविदाई ताजिओ का जुलूस आलमपुरा से परम्परागत तरीके से मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा के नेतृत्व व आयोजक मुशीर हैदर की देखरेख में अदबो एहतराम के साथ निकला, ताजियों को बाइस ख्वाजा कब्रिस्तान में गमगीन माहौल में सुपुर्द ए खाक किया गया।
मोहर्रम के अलविदाई ताजिओ का जुलूस मोहल्ला आलमपुरा से उठा और कोतवाली चौराहा, नगर पालिका चौराहा, तहसील चौराहा, साबितगंज, चौकी शमशेरी, नोरंगाबाद चौराहा, शाही मस्जिद नोरंगबाद, पक्का तालाब, नुमायश चौराहा होते हुए बाइस ख्वाजा कब्रिस्तान पहुंचा जहां गमगीन माहौल में उन्हें सुपुर्दे खाक किया गया। शिया युवक व बच्चे हाथों में अलम, इस्लामी परचम लेकर आगे चल रहे थे। पीछे ताजिये थे। ताजियों के भ्रमण के दौरान हुसैनी अजादारों ने शाही मस्जिद, नोरंगबाद पुलिस चौकी के पास छुरियों और कमा का मातम कर अपने आप को लहूलुहान कर कर्बला में इमाम हुसैन की मुसीबतों को याद किया। नोरंगाबाद चौराहे पर मौलाना सैयद शुजा अली जैदी गाजीपुर ने तकरीर की। जुलूस में अहमद जाफर ईरानी, राहिल सगीर, सैफू, फरहान नक़वी, कैफ वारसी, हसन फराज जाफरी, अयाज हुसैन ने मातमी नोहा ख्वानी की। आबाद हुसैन अलीगढ़, आरिफ हैदर गुडडू लख़नऊ, राहत हुसैन रिज़वी, शावेज़ नक़वी, सलमान रिज़वी आदि ने सदायें पढ़ीं। मौलाना अनवारुल हसन जैदी जुलूस में नारे लगाकर इंसानियत का संदेश दिया। जुलूस में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते ताजिये शांतिपूर्ण माहौल में सुपुर्द ए खाक हुए। ताजियों के जुलूस में अल्हाज कमर अब्बास नक़वी करबलाई, राहत अक़ील, शावेज़ नक़वी, सईद नक़वी, सलीम रज़ा, समर अब्बास, शानू, समर सगीर, अमान, शाद अली हसन, शम्स अली हसन, साहिल जाफरी, श्यान हसन, तहसीन रज़ा, मून हसन, इबाद रिज़वी, समर अब्बास, आले मोहम्मद बिटटू, अयान, शब्बर अक़ील, शौजब रिज़वी, शादाब, हम्माद, सुहेल अली, शारिब नक़वी, काशिब, खुशनसीब, जुनैद, जावेद, राशिद, कलीम वारसी सहित बड़ी संख्या में युवाओं व बच्चों ने भाग लिया।
हुसैनी अजादारों ने छुरियों का मातम कर इमाम हुसैन की मुसीबत को किया याद

