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प्राकृत विद्या के मनीषी डॉ ऋषभ चंद्र फौजदार का आगमन

नवागढ़ (मनोज जैन नायक) अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में प्राकृत विद्या के मनीषी ऋषभचंद फौजदार का आगमन हुआ ।
प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में पंडित गुलाबचंद पुष्प प्रतिष्ठाचार्य की स्मृति में संचालित श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के छात्रों को प्राकृत विद्या के मनीषी विद्वान डॉक्टर ऋषभ चंद्र फौजदार डायरेक्टर जैन विद्या संस्थान एकलव्य विश्वविद्यालय दमोह का सौभाग्य प्राप्त हुआ।
डॉक्टर जैन छतरपुर जिले के द्रोणगिरी में जन्मे, जिन्होंने विपन्नता में रहते हुए शिक्षा को आधार बनाकर स्याद्वाद महाविद्यालय बनारस से उच्च शिक्षा प्राप्त करके अपने जीवन को शिक्षा जगत् से जोड़ा ।आपके सुदीर्घ सेवा काल में प्राकृत शोध संस्थान वैशाली बिहार का विशेष उन्नयन हुआ। जिसके माध्यम से प्राकृत विद्या के सैकड़ो ग्रंथों का प्रकाशन बिहार प्रदेश की सरकार द्वारा किया गया।
आज आपने परिवार सहित अतिशय क्षेत्र नवागढ़ के मनोकामना पूर्ण अतिशयकारी अरनाथ भगवान साहित्य उत्खनन से प्राप्त विलक्षण मूर्तियां के दर्शन, मंगल आरती का सौभाग्य प्राप्त किया। जैन दर्शन की विशेष सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहर का अवलोकन कर प्रसन्नता व्यक्त की आपने कहा में पहली बार इस प्रकार जैन दर्शन के विशेष एवं विलक्षण कृतियों का अवलोकन कर रहा हूं ।जिसमें उपाध्याय परमेष्ठी सहित मानस्तंभ , पीछी चिन्ह सहित उपाध्याय परमेष्ठी , अकलंक विकलंक, लकड़ी के मानस्तंभ, बेदी, एवं जीवनोपयोगी काष्ठ उपकरण अद्भुत हैं। यहां सातवीं सदी के भौयरा मंदिर के साथ, प्रतिहार कालीन एवं गुप्तकालीन संस्कृति के साक्ष्य अच्छे तरीके से संरक्षित किये गये हैं। समिति को चाहिए इस धरोहर का प्रदर्शन अच्छे स्तर पर करते हुए इसका प्रचार प्रसार करें, जिससे हमारी समाज में जैन पुरातत्व एवं संस्कृति के प्रति निष्ठा जागृत हो सके ।
आपने श्री नवागढ़ गुरुकुलम् के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा यह आपका सौभाग्य है जो आप ब्रह्मचारी निशांत भैया जी के निर्देशन में इस प्रकार के परिवेश में धार्मिक संस्कारों के साथ आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। मैं चाहता हूं आप सभी अच्छे से शिक्षा प्राप्त कर जिन शासन की सेवा करें प्रभावना करें एवं अपने जीवन को मंगलमय बनाते हुए उच्च पदों पर आसीन होकर नवागढ़ गुरुकुलम् का बहुमान बढ़ाएं । बच्चों ने डॉक्टर जैन के उद्बोधन से प्रेरणा लेते हुए अच्छी तरह से विद्या अध्ययन करने का संकल्प लिया।
क्षेत्र के महामंत्री वीरचंद जी नैकोरा, अशोक क्रांतिकारी ,पंडित अजीत कुमार ने सभी का भावभीना स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए पुनः पधारने का निवेदन किया।

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