नवरात्रि के इस पावन अवसर पर एक ऐसा ही दिव्य रूप देखने को मिला। एक बेटा अपनी माँ के लिए सुबह से शाम तक AB पॉजिटिव रक्त की तलाश में चिंतित और व्याकुल था। हर प्रयास के बावजूद रक्त की व्यवस्था नहीं हो पा रही थी। संजीवनी रक्तदान संगठन के लगातार प्रयास भी उस समय असफल होते नजर आ रहे थे। तभी नवरात्रि के इस पवित्र पर्व में, माँ के साक्षात रूप में महिला रक्तदाता श्रीमती मधु शर्मा जी आगे आईं और निस्वार्थ भाव से रक्तदान कर उस जरूरतमंद माँ की जान बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। यह केवल रक्तदान नहीं, बल्कि माँ के उस स्वरूप का दर्शन है, जो हर रूप में सृष्टि की रक्षा करती है। ऐसे सेवाभावी कार्यों को शत-शत नमन मधु शर्मा जी को हृदय से धन्यवाद एवं साधुवाद, संजीवनी रक्तदान संगठन परिवार उनके इस पुनीत कार्य के लिए सदैव आभारी रहेगा।
माँ के अनेक स्वरूप होते हैं — ममता, करुणा, त्याग और सेवा का अद्भुत संगम।

