दिनांक 22 फ़रवरी को सुबह 09:30 बजे पट्टाचार्य श्री १०८ विशुद्ध सागर जी महाराज के आशीर्वाद से मुनि श्री १०८ सदभाव सागर जी महाराज के सानिध्य मैं रचित “चन्द्र अर्चना” पुस्तक का विमोचन है । जिसमे नारोल में विराजित श्री १००८ चंद्रप्रभु भगवान की पूजन एवं नमोकार मंत्र चालीसा, आरती, अर्घ्य एवं लघु प्रतिक्रमण है जो महाराज श्री के द्वारा रचित है ।जिसका प्रकाशन अपने नारोल समाज के समाजसेववी अंकुर जैन के परिवार के द्वारा किया गया । जिन्होंने मुनि श्री के द्वारा रचित पूजन को महाराज जी की उपस्थिति में विमोचन करने का निर्णय लिया था। मुनि श्री के परम् आशीर्वाद से सब कुछ संभव है। मंदिर जी के पंडाल में आकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। जिसमें कमेटी के सभी पदाधिकारी लोग उपस्थित रहे।
“चन्द्र अर्चना” पुस्तक का हुआ भव्य विमोचन मिला मुनि श्री का मंगल सानिध्य

